बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमतों में 2,900 रुपए का उछाल आया और यह 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी 2.54 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई. इसकी वजह यह रही कि भूराजनीतिक तनाव कम होने से तेल की कीमतों में नरमी आई, जिससे कीमती धातुओं की मांग बढ़ गई.

ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में 2,900 रुपये, या लगभग 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. यह मंगलवार के बंद भाव 1,52,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,55,400 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई.
चांदी की कीमतों में भी लगातार तीसरे सत्र में तेजी आई. यह 3,500 रुपए, या 1.4 प्रतिशत बढ़कर 2,54,500 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई. एसोसिएशन के अनुसार, पिछले सत्र में इस धातु का भाव 2,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था.
क्यों महंगा हुआ सोना और चांदी
व्यापारियों ने बुलियन की कीमतों में इस उछाल का श्रेय उन रिपोर्टों को दिया, जिनमें कहा गया है कि वाशिंगटन और तेहरान महीनों से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक रूपरेखा समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आवाजाही सुचारू होने की संभावना बढ़ी है और ऊर्जा बाजारों से जुड़ी मुद्रास्फीति की चिंताएं कम हुई हैं.
HDFC सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि बुधवार को सोने में जोरदार तेजी देखने को मिली, क्योंकि भूराजनीतिक तनाव कम होने से उन प्रमुख व्यापक आर्थिक कारकों में अचानक बदलाव आया, जिन्होंने हाल ही में कीमती धातुओं पर दबाव डाला था. गांधी ने कहा कि कूटनीतिक सफलता की संभावना से तेल की कीमतों और अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट आई, जिससे मुद्रास्फीति की चिंताएं कम हुईं और कीमती धातुओं की मांग बढ़ गई.
इंटरनेशनल मार्केट में सोना चांदी
ग्लोबल लेवल पर, हाजिर सोना 106.15 डॉलर, या 2.33 प्रतिशत बढ़कर 4,663.70 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 3.40 डॉलर, या 4.68 प्रतिशत बढ़कर 76.24 डॉलर प्रति औंस हो गई. एलकेपी सिक्योरिटीज में कमोडिटी और करेंसी के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी ने कहा कि सोने में जोरदार तेजी देखने को मिली, क्योंकि बाजारों ने उन रिपोर्टों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी कि अमेरिका और ईरान संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से एकपेज के समझौते की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत बढ़त के बावजूद, रुपए की मजबूती ने घरेलू सोने की कीमतों में तेजी को सीमित रखा. उन्होंने आगे कहा कि बाजार अब प्रस्तावित सौदे की अंतिम पुष्टि और उसके लागू होने पर पूरी तरह से केंद्रित है. त्रिवेदी ने कहा कि कोई भी नकारात्मक हैरानी या बातचीत में रुकावट सोने में तेज बिकवाली को बढ़ावा दे सकती है, जबकि एक सफल समझौता और लगातार संघर्षविराम निकट भविष्य में सोने की कीमतों को ऊपर ले जा सकता है.





