केंद्र सरकार ने सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं के आयात से संबंधित कई श्रेणियों पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया है. वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को इसके लिए कई नोटिफिकेशन जारी किए. नई दरें आज से लागू हो गई हैं.बता दें कि सरकार ने गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी 5% से बढ़ाकर 10% कर दिया है. इसके अलावा सेस Agriculture Infrastructure & Development Cess भी बढ़ाया गया है. अब तक गोल्ड पर 5% इंपोर्ट ड्यूटी और 1% सेस लगता था. यानी अभी तक गोल्ड पर कुल 6% की इंपोर्ट ड्यूटी लगती थी.

इतना ही नहीं UAE से तय मात्रा में कोटा के तहत आने वाले गोल्ड पर भी इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई गई है. UAE से तय मात्रा में कोटा के तहत रियायती दर पर इंपोर्ट ड्यूटी लगती थी. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। बता दें कि जुलाई 2024 के बजट में गोल्ड पर कुल इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% कर दी गई थी. इसमें इंपोर्ट ड्यूटी 10% घटाकर 5% किया गया था और Cess 5% से घटाकर 1% कर दिया गया था.
Import duty on gold and other precious metals has been increased, and the revised rates will come into effect from midnight tonight pic.twitter.com/7iWfOFp6j6
— IANS May 12, 2026
बता दें कि भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा और चांदी का सबसे बड़ा उपभोक्ता है. ऐसे में सोने के इम्पोर्ट पर खास नजर रखी जाती है, क्योंकि इसका असर देश के व्यापार घाटे और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ता है. भारत में FY2025 के दौरान सोने का आयात लगभग 58 से 60 अरब डॉलर रहा है, जो अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है. सोने के आयात में ये तेजी यूनियन बजट 2024 के बाद देखने को मिली. 2024 में सरकार ने सोने पर कस्टम ड्यूटी 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया था, जिसके बाद सोने का आयात तेजी से बढ़ गया.
गोल्ड पर पीएम मोदी की अपील
हाल ही में पीएम मोदी ने एक संबोधन में देशवासियों से कहा था कि मिडिल ईस्ट में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच एक साल तक सोने की खरीदारी न करें. उन्होंने लोगों से पेट्रोलडीजल की खपत कम करने, विदेश यात्राएं कम करने की सलाह दी थी. सरकार को आशंका है कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ती चिंताओं की वजह से तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.
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