
IMF raises India GDP growth : ईरान जंग के बीच भारत को आर्थिक मोर्चे पर खुशखबरी देखने को मिली है. IMF ने 2026 के लिए ग्रोथ अनुमान को 0.3 प्रतिशत अंक (जनवरी के मुकाबले 0.1 प्रतिशत अंक) बढ़ाकर 6.5% किया गया है. ये बढ़ोतरी 2025 के मजबूत प्रदर्शन के असर और भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ में 50% से घटाकर 10% किए जाने से हुई है. बता दें, 2027 में भी ग्रोथ 6.5% रहने का अनुमान है. IMF ने बताया है कि भारत में 2025 के लिए ग्रोथ अनुमान को अक्टूबर के मुकाबले 1.0 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 7.6% किया गया है.
वैश्विक स्तर पर क्या होगा असर?
IMF ने चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट का संघर्ष व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और वित्तीय स्थितियों को प्रभावित कर रहा है. इससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं की ग्रोथ घट रही है और महंगाई का खतरा बढ़ रहा है. उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की ग्रोथ 2026 में घटकर 3.9% रहने का अनुमान है. ये 2027 में सुधरकर 4.2% हो सकती है. एशिया में भी रफ्तार धीमी पड़ने की संभावना है. हालांकि 2026 के लिए चीन के अनुमान में हल्का सुधार किया गया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि अलग-अलग क्षेत्रों पर इसका असर अलग-अलग होगा. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। कमोडिटी आयात करने वाले देशों पर महंगाई का दबाव ज्यादा रहेगा, जबकि पर्यटन पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं में मांग कमजोर पड़ सकती है.
महंगाई पर असर
वैश्विक महंगाई, जो अब तक घट रही थी. अब कुछ समय के लिए फिर बढ़ सकती है और बाद में दशक के अंत तक कम होगी. IMF के मुताबिक, वैश्विक महंगाई 2025 में 4.1% से बढ़कर 2026 में 4.4% हो सकती है और फिर 2027 में घटकर 3.7% रह जाएगी.
2026 के लिए ये अनुमान अक्टूबर 2025 WEO के मुकाबले 0.7 प्रतिशत अंक ज्यादा है. IMF ने ये भी कहा कि अलग-अलग देशों में महंगाई का प्रभाव अलग होगा. कुछ विकसित देशों में सर्विस सेक्टर की महंगाई बनी रह सकती है. जबकि अन्य जगहों पर सप्लाई शॉक और ऊर्जा लागत दबाव बनाए रखेंगे. भारत के लिए 2025 में खाद्य कीमतों में नरमी के बाद महंगाई धीरे-धीरे सामान्य होकर लक्ष्य स्तर के करीब आने की उम्मीद है.




