“रात 1 बजे भी काम के लिए तैयार रहते हैं भारतीय”: बुर्ज खलीफा बनाने वाले मोहम्मद अलाब्बर ने की जमकर तारीफ​

दुनिया की सबसे ऊंची इमारत ‘बुर्ज खलीफा’ का निर्माण करने वाली मशहूर कंपनी एमार के संस्थापक मोहम्मद अलाब्बर ने भारतीय पेशेवरों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया है। अबू धाबी में आयोजित एक हालिया समिट के दौरान अलाब्बर ने भारतीयों के वर्क एथिक्स और उनके अटूट समर्पण की सराहना करते हुए बताया कि आखिर क्यों उनकी कंपनी की टॉप हायरिंग लिस्ट में भारतीय सबसे ऊपर रहते हैं।

“रात 1 बजे भी काम के लिए तैयार रहते हैं भारतीय”: बुर्ज खलीफा बनाने वाले मोहम्मद अलाब्बर ने की जमकर तारीफ​

“रात के 1 बजे भी फोन उठाता है भारतीय जज्बा”

अलाब्बर ने बेहद दिलचस्प अंदाज में भारतीयों के काम करने के तरीके पर बात की। उन्होंने कहा, दुनिया में टैलेंट की कमी नहीं है, लेकिन जो कड़ी मेहनत और अनुशासन भारतीयों में है, उसका कोई सानी नहीं। अगर आप किसी भारतीय कर्मचारी को रात के 1 बजे भी काम के सिलसिले में फोन करते हैं, तो वह पूरी ऊर्जा के साथ जवाब देने के लिए तैयार रहता है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘स्मार्ट वर्क’ से कहीं अधिक जरूरी ‘अनुशासन’ और ‘मेहनत’ है। खुद का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, मेरा आईक्यू औसत हो सकता है, लेकिन मेरी मेहनत दुनिया में सबसे बेहतरीन है। यही जज्बा भारतीयों में भी दिखता है, जिसे मैं ‘पॉजिटिव पैरानोया’ यानी काम के प्रति एक सकारात्मक जुनून कहता हूं।

भारत: टैलेंट और स्थिरता का बेजोड़ संगम

मोहम्मद अलाब्बर के लिए भारत केवल वर्कफोर्स का स्रोत नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे उभरता हुआ बाजार भी है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा, क्या आज दुनिया में भारत से बड़ा, स्थिर और लगातार प्रगति करने वाला कोई दूसरा देश है? जवाब है—बिल्कुल नहीं।

एमार ग्रुप की रणनीति साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी अब भारतीय विश्वविद्यालयों के साथ सीधे जुड़कर टैलेंट रिक्रूट कर रही है। उन्होंने कहा कि जब टैलेंट मेहनत करना छोड़ देता है, तब केवल ‘कड़ी मेहनत’ ही जीत दिलाती है, और भारतीय इस मामले में नंबर वन हैं।

संकट में भी अडिग रहता है भारतीय टैलेंट

2008 की वैश्विक मंदी और हालिया कोरोना काल का उदाहरण देते हुए अलाब्बर ने बताया कि मुश्किल समय में भारतीय पेशेवरों ने अपनी मानसिक फुर्ती और तकनीक को सीखने की क्षमता से खुद को साबित किया है। उन्होंने कहा कि दुबई से लेकर यूरोप तक, एमार के हर बड़े प्रोजेक्ट में भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका होने का यही सबसे बड़ा कारण है।

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