क्या ब्राउन शुगर सच में सफेद चीनी से बेहतर है? जानिए मिथक और सच्चाई

क्या ब्राउन शुगर सफ़ेद चीनी से बेहतर है? ये सवाल इसलिए क्योंकि आजकल लोगों में सफेद चीनी की जगह ब्राउन चीनी खाने का चलन बढ़ा है. लेकिन ये जानना जरूरी है कि क्या ब्राउन शुगर वाकई में फायदेमंद है? लेकिन पहले ये जान लेते हैं कि दोनों में क्या अंतर है. सफेद चीनी एक तरह की रिफाइंड शुगर होती है. इस चीनी को अच्छी तरह से प्रोसेस्ड करके बनाया जाता है.

क्या ब्राउन शुगर सच में सफेद चीनी से बेहतर है? जानिए मिथक और सच्चाई

सफेद चीनी और ब्राउन चीनी में अंतर ये होता है कि ब्राउन चीनी में कुछ मात्रा में गुड़ बचा रहता है. इसलिए वह रंग रूप में भूरा होता है. उसका स्वाद भी सफ़ेद चीनी से हल्का सा अलग होता है. दिल्ली में डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि अक्सर लोगों के मन में यह भ्रम होता है कि ब्राउन शुगर में molasses मौजूद होने के कारण उसमे आयरन, पोटैशियम भी पाए जाते होंगे. लेकिन असल में इनकी मात्रा बहुत कम होती है. जब आप ब्राउन शुगर का सेवन करते हैं तो उससे कुछ ख़ास स्वास्थ्य लाभ नहीं होता है. अगर आप डाइट को लेकर बहुत सजग हैं और आपको ऐसा लगता है कि ब्राउन शुगर खाकर आप कैलोरी डेफिसिट डाइट पर हैं तो ऐसा सोचना सही नहीं है.

क्या ब्राउन शुगर वजन कम करने में मदद करती है?

लोगों को यह ग़लतफ़हमी होती है कि ब्राउन शुगर खाकर वह अपना वजन कम कर लेंगे क्यूंकि इसमें कैलोरी कम होती है. लेकिन सच यह है कि चीनी ज्यादा मात्रा में चीनी खाना किसी भी रूप से सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इसलिए अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो ब्राउन या सफ़ेद किसी भी चीनी का प्रयोग न करें.

ब्लड शुगर पर असर

अगर ब्लड शुगर की बात करें तो दोनों ही प्रकार की चीनी आपके ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ाता है. इसलिए जिन लोगों को डायबिटीज की शिकायत होती है उन्हें दोनों प्रकार की चीनी इस्तेमाल करने से मना किया जाता है. यह आपके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है.

सही विकल्प क्या है?

चीनी का प्रयोग आपकी हेल्थ के लिए किसी भी रूप में अच्छा नहीं है इसलिए अगर आप एक बेहतर विकल्प चुनना चाहते हैं तो अपने आहार में चीनी की मात्रा को कम करें. अगर मीठा खाने का मन है तो खजूर खा सकते हैं.

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