इजराइल ने जाने अनजाने में भारत को एक ऐसा सीक्रेट बता दिया है जिसे अगर भारत भी शुरू कर दे तो देश की तस्वीर बदल सकती है। खासतौर पर कश्मीर की। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसा करने पर कश्मीर की सुरक्षा भी बढ़ जाएगी और आकार भी। इजराइल के बॉर्डर पर भी दुश्मन बैठा है और भारत के बॉर्डर पर भी। इजरायल के बॉर्डर पर अचानक यहूदियों की संख्या कम होने लगी है। जैसे एक समय पर कश्मीर से कश्मीरी पंडितों की हुई थी। लेकिन इजराइल ने अपने बॉर्डर के पास एक इलाके में ऐसा जबरदस्त ऑपरेशन शुरू किया है जिसे अगर भारत भी करने की सोच ले तो चौंकाने वाले नतीजे आ सकते हैं। इजराइल का एक इलाका है अपर गिलीली जो लेबनान से बॉर्डर शेयर करता है। लेबनान की तरफ से इजराइल को हमेशा हिजबुल्ला का खतरा रहता है। लेकिन यह खतरा हाल फिलहाल में इतना बढ़ गया कि हिजबुल्ला के हमलों की वजह से इजराइल के इस सीमावर्ती अपर गिली इलाके से यहूदी पलायन कर गए और धीरेधीरे यहां पर फिलिस्तीनियों की संख्या बढ़ गई।
इसका असर यह हुआ कि अपर गिली में रहने वाले फिलिस्तीनी बॉर्डर पार हिजबुल्ला की मदद करने लगे। ऐसा ही कुछ कश्मीर के बारे में भी आपको देखने को मिलता होगा। कश्मीर के कई लोग पाकिस्तानी आतंकियों की मदद करते हैं। उन्हें छुपने की जगह देते हैं। बहरहाल इजराइल ने इस समस्या से निपटने का एक नायाब तरीका निकाला।

इजराइल ने विदेशों में बसे यहूदियों की घर वापसी शुरू करवा दी और इसकी शुरुआत भारत से ही कर दी। इजराइल अगले 5 सालों में भारत के नॉर्थ ईस्ट में रहने वाले बनेई मनाशे समुदाय के करीब 6000 यहूदियों को अपर गिलीली इलाके में बसाने का प्लान बना रहा है। इसका फायदा यह होगा कि इजराइल के बॉर्डर के पास जनसंख्या एक तरफ़ा होने से बच जाएगी। अब सोचिए कि अगर भारत भी कुछ ऐसा करे तो क्या होगा? यह कैसे होगा और कितना मुश्किल होगा यह अलग विषय है लेकिन ऐसा करना असंभव तो नहीं है। अगर भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में रहने वाले हिंदुओं को भारत लाकर सीमा के पास बसाना शुरू कर दे तो इसका फायदा मिल सकता है।
इजराइल में एक कानून है लॉ ऑफ रिटर्न जिसके तहत दुनिया में कहीं भी रहने वाला यहूदी कभी भी इजराइल की नागरिकता हासिल कर सकता है। भारत सीएए कानून के जरिए इस दिशा में कदम बढ़ा चुका है। अगर पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में रहने वाले हिंदू लोग भारत में आकर बॉर्डर के इलाकों में बस जाए, तो इसके तीन फायदे मिल सकते हैं। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। पहला तो यह कि अगर पाकिस्तानी हिंदू कश्मीर के बॉर्डर पर आकर बस जाएं, तो उन्हें पाकिस्तान की एकएक चीज का पता होगा। यह हिंदू पाकिस्तान की फितरत जानते होंगे। इन हिंदुओं को बॉर्डर पर बसने में डर नहीं लगेगा क्योंकि यह लोग तो पाकिस्तानी जिहादियों के साथ रहते आए हैं।





