Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड की जांच अब और तेज हो गई है. विशेष जांच दल ने मामले में अपनी पड़ताल तेज करते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण के 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारियों को जांच के दायरे में लिया है. अब वर्ष 2014 से 2026 के बीच संबंधित क्षेत्र में तैनात रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की गहन जांच की जाएगी.

जानकारी के मुताबिक, एसआईटी ने एलडीए से पिछले 12 सालों में संबंधित जोन में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की पूरी ड्यूटी की डिटेल मांगी है. एलडीए प्रशासन सभी संबंधित अधिकारियों की सूची तैयार कर जल्द ही एसआईटी को उपलब्ध कराएगा. जांच एजेंसी यह पता लगाएगी कि भवन के निर्माण, नक्से की मंजूरी, उपयोग परिवर्तन, निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान कहीं नियमों की अनदेखी या लापरवाही तो नहीं हुई.
मौजूदा अधिकारियों के दर्ज होंगे बयान
जांच के अगले चरण में वर्तमान में तैनात एलडीए अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे. उनसे बिल्डिंग से जुड़े दस्तावेज, जांच रिपोर्ट, नोटिस, कार्रवाई और अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी. इसके बाद उन अधिकारियों को भी तलब किया जाएगा, जो वर्ष 2014 से 2026 के बीच इस क्षेत्र में तैनात रहे थे. 20 अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले ही निलंबित किया जा चूका है.
पूर्व अधिकारियों से भी होगी पूछताछ
एसआईटी का मानना है कि पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए केवल वर्तमान अधिकारियों से पूछताछ पर्याप्त नहीं होगी. इसलिए पूर्व में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यदि बिल्डिंग में अनियमितताएं थीं तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई.
एसआईटी पहले ही फॉरेंसिक, अग्निशमन, बिजली विभाग और अन्य संबंधित विभागों से दस्तावेज जुटा चुकी है. अब जांच का फोकस प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने पर है. यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की संस्तुति की जा सकती है.



