एक्ट्रेस जैकलिन फर्नांडीस ने मंगलवार को 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस में सरकारी गवाह बनने की अपनी अर्जी वापस ले ली। इस केस में कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर भी शामिल है। फर्नांडीस के वकील ने इस बात की पुष्टि की कि उन्होंने स्पेशल जज प्रशांत शर्मा के सामने दायर अपनी अर्जी वापस ले ली है। सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय ने उनकी अर्जी का विरोध करते हुए कहा था कि आरोपी के आपराधिक इतिहास के बारे में पता होने के बावजूद वह उसके संपर्क में बनी रहीं।

जैकलिन फर्नांडीस की बढ़ी मुश्किलें
फेडरल एजेंसी ने एक्ट्रेस की याचिका के जवाब में कहा था, ‘आवेदक सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक इतिहास की जानकारी होने के बाद भी, उसके साथ नियमित और लगातार संपर्क में रहीं, सुकेश ने मनी लॉन्ड्रिंग अपराध से हुई कमाई में से आवेदक के लिए सभी लाभ, उपहार और वस्तुएं बड़ी सावधानी से उपलब्ध कराईं।’ एजेंसी ने कहा कि संचार के कई माध्यमों से लगातार बातचीत और लाभ प्राप्त करने से जैकलिन का यह दावा पूरी तरह से खारिज हो जाता है कि वह एक अनजान पीड़ित थीं। इसके विपरीत, यह मुख्य अपराधी के साथ उनके जानबूझकर रखे गए रिश्ते को उजागर करता है।
सुकेश चंद्रशेखर मनी लॉन्ड्रिंग मामला क्या है?
चंद्रशेखर पर आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्री की ओर से काम करने वाले एक बड़े सरकारी अधिकारी के तौर पर खुद को पेश किया और सात से आठ महीनों के दौरान कारोबारी अदिति सिंह से करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी की। खास बात यह है कि इस मामले में जैकलिन फर्नांडीस का नाम भी आया है, उन पर आरोप है कि उन्होंने चंद्रशेखर से महंगे तोहफे लिए थे, जो उस समय उनके बॉयफ्रेंड थे। शुरुआत में दिसंबर 2021 में आठ आरोपियों के खिलाफ एक शिकायत दर्ज की गई थी और उस शिकायत में जैकलिन फर्नांडीस का नाम नहीं था। 17 अगस्त, 2022 को ED ने इस मामले में दूसरी सप्लीमेंट्री शिकायत दर्ज की और इस बार एक्ट्रेस को भी आरोपी बनाया गया।
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