थाइलैंड और मालदीव वो देश हैं जो भारतीयों के बीच बहुत पॉपुलर हैं. बड़ी संख्या में भारतीय यहां पहुंचते हैं और लाखों रुपए खर्च करते हैं, लेकिन 5 देश ऐसे भी हैं जहां भारतीय करंसी की वैल्यू बहुत ज्यादा है. भारत से 500 रुपए लेकर भी यहां जाते हैं वो वहां की करंसी में कई गुना बढ़ जाते हैं. ट्रैवल एक्सपर्ट कहते हैं, ये ऐसे देश हैं जहां की खूबसूरती बेमिसाल है. बजट फ्रेंडली हैं और यात्रा को यादगार बनाने का काम करते हैं. उन देशों की लिस्ट में सबसे पहला नाम है वियतनाम.

साल 2024 में 5 लाख भारतीय विजयनाम पहुंचे. यह ऐसा टूरिस्ट डेस्टिनेशन है जहां भारतीय पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. 2026 में जनवरी और फरवरी में कुल मिलाकर 1.58 लाख टूरिस्ट पहुंचे. जानिए, दुनिया के वो 5 खूबसूरत देश जहां भारतीय करंसी कई गुना बढ़ जाती है.
वियतनाम: 500 रुपए हो जाएंगे 139532 वियतनामी डोंग
यहां की आधिकारिक करंसी का नाम है वियतनामी डोंग. इसे शॉर्ट फॉर्म में VND कहते हैं, ठीक वैसे जैसे भारतीय करंसी के लिए INR कोड इस्तेमाल किया जाता है. इसे सांकेतिक रूप से ₫/đ लिखते हैं.
वियतनाम का गोल्डन ब्रिज.
वियतनाम में भारतीय करंसी की बात करें तो भारत के 500 रुपए वियतनाम में जाकर 139532 वियतनामी डोंग हो जाते हैं. इससे समझ सकते हैं कि भारतीय करंसी वियतनाम में जाकर कितने गुना बढ़ जाती है.
इंडोनेशिया: भारत के 500 रुपए 91939 इंडोनेशियाई रुपैया हो जाते हैं
इंडोनेशिया उन देशों में है जो भारतीयों को काफी लुभाता है. भारतीयों के सोशल मीडिया अकाउंट पर यहां की तस्वीरें इसकी कहानी कहती हैं. इंडोनेशिया की आधिकारिक करंसी का नाम इंडोनेशियाई रुपैया है. इसे IDR लिखते हैं.
इंडोनेशिया के बाली की खूबसूरती है कमाल.
भारत से 500 रुपए लेकर भी इंडोनेशिया जाते हैं जो यहां उनकी वैल्यू 91939 इंडोनेशियाई रुपैया हो जाती है. यहां बाली हमेशा से ही पर्यटकों की पसंदीदा जगह रही है, जो एक लिमिटेड बजट में लग्जरी अनुभव कराता है.
कंबोडिया: 500 रुपए 21325 कंबोडियाई रियाल हो जाएंगे
साल 2024 का आंकड़ा बताता है कि 75000 हजार भारतीय कंबोडिया की खूबसूरती देखने पहुंचे थे. यहां का टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है. अंकोरवाट समेत कई टूरिस्ट स्पॉट भारतीयों को आकर्षित करते हैं. कंबोडियन रियाल कंबोडिया की आधिकारिक करंसी है. इसे शॉर्ट फॉर्म में KHR लिखते हैं.
कंबोडिया का मंदिर.
यहां भी भारत की करंसी कई गुना बढ़ जाती है. भारत से अगर 500 रुपए लेकर कंबोडिया जाते हैं तो यहां वो 21325 कंबोडियाई रियाल हो जाते हैं. इस तरह दोनों देशों की करंसी के अंतर से समझ सकते हैं कि किस कदर भारतीय करंसी बढ़ जाती है.
उज्बेकिस्तान इस्लामिक आर्किटेक्चर आपको इतिहास से रूबरू कराता है.
उज्बेकिस्तान: 500 रुपए यहां 6 लाख 40 हजार उज्बेकिस्तानी सोम
मध्य एशियाई देश उज्बेकिस्तान वो मुल्क है जहां से मुगल हिन्दुस्तान आए थे. यह देश अपनी ऐतिहासिक विरासत के साथ अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए भी जाना जाता है. इस्लामिक आर्किटेक्चर आपको इतिहास से रूबरू कराता है. राजधानी ताशकंद और समरकंदी बजट फ्रेंडली होने के साथ आपको खास अनुभव भी कराते हैं. उज्बेकिस्तानी सोम यहां की आधिकारिक करंसी है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इसका शॉर्ट फॉर्म UZS है. भारत के 500 रुपए यहां पहुंचते हैं वो 6 लाख 40 हजार उज्बेकिस्तानी सोम हो जाते हैं.
श्रीलंका अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है.
श्रीलंका: 500 रुपए हो जाएंगे 1697 श्रीलंकाई रुपया
भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है. घूमने के लिए यह एक बजट फ्रेंडली देश है. श्रीलंकाई रुपया यहां की आधिकारिक करंसी है. जैसे भारतीय करंसी को INR लिखते हैं, वैसे ही श्रीलंका की करंसी को LKR लिखते हैं. भारतीय करंसी श्रीलंका में काफी मजबूत है जो वहां की करंसी में कई गुना बढ़ जाती है. भारत से 500 रुपए लेकर श्रीलंका जाते हैं तो वहां की करंसी में यह राशि 1697 श्रीलंकाई रुपया हो जाते हैं.





