भारतीय सेना को आपातकालीन खरीद के तहत दो नए स्वदेशी युद्धक तंत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें यूएवीलॉन्च्ड प्रिसिजन गाइडेड मुनिशन और अग्निका वीटीओएल1 फर्स्टपर्सन व्यू कामिकेज़ ड्रोन शामिल हैं। रक्षा सूत्रों ने बताया कि सफल उच्चऊंचाई, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और प्रिसिजन गाइडेड मुनिशन फायरिंग परीक्षणों के बाद, सेना की पश्चिमी कमान के अधिकारियों की उपस्थिति में हैदराबाद में इन तंत्रों को सौंपा गया। यूएलपीजीएम और अग्निका वीटीओएल1, दोनों तंत्रों को स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित किया गया है।
ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। Indian Army को मिले घातक Kamikaze Drones, दुश्मन का काल बनेंगे" loading="lazy" />रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और अदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित यूएलपीजीएम, अपनी श्रेणी में भारत का पहला स्वदेशी लोइटरिंग मुनिशन है। यह प्रणाली इमेजिंग इन्फ्रारेड सीकर से लैस है और इसे यूएवी से स्थिर और गतिशील दोनों लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए लॉन्च किया जा सकता है। यूएवी की परिचालन सीमा 20 किलोमीटर तक है, जबकि स्वयं गोलाबारूद की मारक क्षमता 2.5 किलोमीटर है।
यह प्रणाली दिन और रात दोनों समय, सभी मौसम स्थितियों में काम करने के लिए डिज़ाइन की गई है। यह अपनी एंटीजैमिंग और एंटीस्पूफिंग क्षमताओं के कारण जीपीएसबाधित और संचारजाम वाले वातावरण में भी कार्य करने में सक्षम है।
यूएलपीजीएम में दो किलोग्राम का वारहेड होता है जो नरम और कठोर दोनों लक्ष्यों को निष्क्रिय करने में सक्षम है और इसकी सटीकता एक मीटर सीईपी है।




