Bagpat News: उत्तर प्रदेश के बागपत में पुलिस को अवैध हथियारों के मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस अधीक्षक सूरज राय ने बताया कि बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के पूर्वी यमुना नहर झाल के पास स्थित एक खंडहर भवन में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश किया गया है. इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, जबकि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड फरार हो गया है.

एसपी ने बताया कि संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की, जहां से अलगअलग बोर के करीब 20 अवैध तमंचे, कारतूस, अधबने हथियार और भारी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए. बरामद सामान से यह साफ है कि यहां बड़े स्तर पर अवैध हथियारों का निर्माण और सप्लाई की जा रही थी. पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. इनमें से एक आरोपी झोलाछाप डॉक्टर बताया जा रहा है, जो इस अवैध धंधे में शामिल था.
मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस के अनुसार, फरार मास्टरमाइंड हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था और फिर से इस नेटवर्क को सक्रिय करने में जुट गया था. पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा कर रही है. गिरफ्तार आरोपियों में सलीम पुत्र नूर मोहम्मद, फरमान पुत्र मेहरबान और शौएब पुत्र मेहरबान शामिल हैं. आरोपी सलीम मूल रूप से करनावल, थाना सरूरपुर, मेरठ जिले का रहने वाला है, जबकि उसका वर्तमान संबंध ग्राम पांची थाना चांदीनगर जनपद बागपत से बताया गया है.
भारी मात्रा में हथियार बरामद
पुलिस के अनुसार, सलीम का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है जिसके खिलाफ 2015 में थाना चांदीनगर में धारा 216 आईपीसी व 25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अवैध हथियार और उपकरण बरामद किए, जिनमें 315 बोर के 13 तमंचे, 12 बोर के 5 तमंचे, 12 बोर की 2 बंदूकें, 315 बोर के 2 जिंदा कारतूस, 315 बोर के 5 खोखा कारतूस, 6 अधबनी नाल और अवैध शस्त्र बनाने के विभिन्न उपकरण शामिल हैं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। यह बरामदगी इस बात का संकेत देती है कि आरोपी लंबे समय से संगठित रूप से अवैध हथियार निर्माण और सप्लाई के धंधे में लिप्त थे.
एसपी ने की सराहना
एसपी सूरज राय ने बताया कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे गैंग का सफाया किया जा सके. इस सफल कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक ने टीम को 25,000 रुपये का नगद इनाम देने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि जिले में अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.





