मोजतबा खामेनेई का अंग काटा गया? ईरान ने पहली बार बताया उस द‍िन हुआ क्‍या​

तेहरान. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और मोजतबा खामेनेई के घायल होने की खबरों के बीच अब ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के जनसंपर्क एवं सूचना केंद्र के निदेशक हुसैन करमानपुर ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि हमले में मोजतबा खामेनेई का कोई अंग काटना पड़ा है. उन्होंने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर कहा कि मोजतबा खामेनेई के चेहरे को कोई क्षति नहीं पहुंची है और उनके शरीर का कोई भी अंग नहीं काटा गया है.

मोजतबा खामेनेई का अंग काटा गया? ईरान ने पहली बार बताया उस द‍िन हुआ क्‍या​

ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, निदेशक हुसैन करमानपुर ने उस घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि हमले वाले दिन पाश्चर अस्पताल के आसपास का इलाका, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्क‍ियान और सरकार के सदस्यों का कार्यालय और क्रांतिकारी नेता का घर, इन सभी जगहों को निशाना बनाया गया था. इस दौरान देश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. जफरखंडी ने तुरंत फोन कर घायलों के बारे में जानकारी ली. इसके तुरंत बाद डॉ. जफरखंडी खुद मोटरसाइकिल पर सवार होकर सीना अस्पताल की ओर रवाना हुए, क्योंकि उस समय अचानक सड़कों पर भारी अराजकता फैल गई थी और रास्ते लगभग बंद हो चुके थे. इसी बीच दोपहर करीब 12 बजे खबर आई कि नेता आगा मोजतबा खामेनेई को सीना अस्पताल लाया जा रहा है.

अस्‍पताल पहुंचने पर क्‍या हुआ

अस्पताल के भीतर की स्थिति साझा करते हुए करमानपुर ने बताया कि मोजतबा खामेनेई के आने की खबर मिलते ही ऑपरेशन कक्ष पूरी तरह तैयार कर लिया गया था. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि सौभाग्य से क्रांतिकारी नेता को कोई ऐसी विशेष गंभीर चोट नहीं आई थी जिसके लिए बड़े ऑपरेशन की जरूरत पड़ती. उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े हादसे के घटनास्थल पर मौजूद किसी भी व्यक्ति के शरीर पर स्वाभाविक रूप से कई घाव हो जाते हैं, और मोजतबा के शरीर पर भी कुछ घाव थे. लेकिन ये घाव उनके चेहरे को विकृत करने या गंभीर नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं हुए थे. उनके घावों पर कुछ साधारण टांके लगाए गए और जिस हिस्से पर तुरंत टांके लगाने का फैसला लिया गया, वह उनकी टांग थी.

खामेनेई को लेकर रहस्‍य क्‍यों गहराया
रहस्य तब और गहरा गया जब इस्लामिक गणराज्य का नेतृत्व संभालने की खबरों के बाद से मोजतबा खामेनेई को अब तक सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है, और न ही उनका कोई ऑडियो या वीडियो संदेश प्रसारित किया गया है. मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व के लिए चुने जाने की खबर के बाद ईरानी टेलीविजन ने सिर्फ इतना बताया था कि वह घायल हो गए थे, लेकिन इसके आगे कोई विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं दिया गया. सरकारी मीडिया ने युद्ध के शुरुआती दिनों का जिक्र करते हुए उन्हें रमजान युद्ध का अनुभवी कहकर भी संबोधित किया था.

ईरान के राजदूत के बयान से सनसनी
मोजतबा खामेनेई की शारीरिक स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बयानबाजी तेज हो गई है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। साइप्रस में ईरान के राजदूत अलीरेजा सलारियन ने निकोसिया में ईरानी दूतावास में ब्रिटिश समाचार पत्र ‘द गार्जियन’ को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, मैंने सुना है कि उनके पैर, हाथ और बाजू में चोट आई है और मुझे लगता है कि वह इसी चोट के कारण अस्पताल में भर्ती हैं.” राजदूत के इस बयान के बाद ही उनके स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं, जिस पर अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्थिति साफ की है.

विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय को अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों द्वारा कम से कम दो बार सीधे तौर पर निशाना बनाया गया था. इन हमलों की श्रृंखला में जो पहला हमला हुआ था, वह युद्ध के शुरुआती क्षणों में ही किया गया था. बताया जा रहा है कि उसी भीषण और घातक हमले में ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद से देश के भीतर और बाहर मोजतबा खामेनेई की भूमिका और उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार बड़ी खबरें सामने आ रही हैं.

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