मुंबई: एक ही परिवार के 4 लोगों की फूड प्वाइजनिंग से मौत, डॉक्टर से जानें कारण और बचाव के नियम

मुंबई से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां फूड प्वाइजनिंग के कारण एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। मरने वाले लोगों में पिता, उनकी पत्नी और दो बेटियां शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक मरने वाली फैमिली ने रात के खाने में बिरयानी खाई थी और उसके बाद तरबूज खाया था। खाने के बाद कुछ ही समय में पूरी फैमिली की तबियत बिगड़ने लगी, हालत गंभीर होने पर परिवार के चारों लोगों को अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों का मानना है कि मरने वालों में फूड प्वाइजनिंग के लिए तरबूज जिम्मेदार हो सकता है। फलों को जल्दी पकाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले खतरनाक केमिकल्स स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकते हैं और फूड प्वाइजनिंग का कारण बन सकते हैं।

मुंबई: एक ही परिवार के 4 लोगों की फूड प्वाइजनिंग से मौत, डॉक्टर से जानें कारण और बचाव के नियम

मुंबई के केईएम से मेडिसिन में डॉक्टर और पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त डॉ. रवि गोडसे जो पिछले 20 सालों से आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ है ने बताया 4 लोगों की मौत का कारण क्या रहा घटना की सटीक वजह जानने के लिए जांच जारी है। जहां तक प्रारंभिक जानकारी से पता चला है कि परिवार को फूड प्वाइजनिंग की समस्या हुई थी। एक्सपर्ट ने बताया फलों को जल्दी पकाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले खतरनाक केमिकल्स स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकते हैं और फूड प्वाइजनिंग का कारण बन सकते हैं। आइए डॉक्टर से जानते हैं कि क्या तरबूज परिवार की मौत का कारण बना, फूड प्वाइजनिंग क्या है इसके लक्षण कौनकौन से हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।

क्या तरबूज परिवार की मौत का कारण बना है?

डॉक्टर ने बताया तरबूज अपने आप में जहरीला नहीं होता, लेकिन इसके पीछे कुछ घातक कारण हो सकते हैं जैसे

  1.  नाइट्रेट की अत्यधिक मात्रा जो तरबूज को जहरीला बना सकती है। कुछ किसान तरबूज को जल्दी बड़ा करने और चमकाने के लिए नाइट्रेट उर्वरकों का अंधाधुंध उपयोग करते हैं। यदि इसकी मात्रा बहुत अधिक हो, तो यह शरीर में जाकर जहर बन सकता है।
  2. आर्टिफिशियल कलर भी तरबूज को बना सकते हैं जहरीला। तरबूज को अंदर से लाल दिखाने के लिए उसमें लेड क्रोमेट या एरीथ्रोसिन जैसे रसायनों का इंजेक्शन लगाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं।
  3. गलत भंडार भी फूड प्वाइजनिंग की वजह बन सकता है। अगर कटा हुआ तरबूज लंबे समय तक बाहर रखा रहे, तो उसमें बैक्टीरिया जैसे साल्मोनेला पनपने लगते हैं, जो जानलेवा फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं।

फूड प्वाइजनिंग क्या है?

सरल शब्दों में कहें तो फूड प्वाइजनिंग एक ऐसी स्थिति होती है जब दूषित भोजन या पानी के सेवन से शरीर में बैक्टीरिया, वायरस, पैरासाइट या टॉक्सिन्स प्रवेश कर जाते हैं और बीमारी पैदा करते हैं।
मेडिकल टर्म्स में इसके कुछ प्रकार भी होते हैं जैसे

  • बैक्टीरियल फूड प्वाइजनिंग जैसे Salmonella, E. coli के कारण
  • वायरस के कारण जैसे Norovirus
  • बैक्टीरिया द्वारा बनाए गए टॉक्सिन्स के कारण फूड प्वाइजन हो सकता है।

फूड प्वाइजनिंग के लक्षण

  • मतली
  • उल्टी
  • दस्त
  • पेट दर्द
  • बुखार
  • डिहाइड्रेशन

गंभीर मामलों में अगर समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, किडनी फेल्योर या मल्टीऑर्गन फेल्योर तक का कारण बन सकती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है।

फलों का सेवन करते समय कौन सी सावधानी रखें

  • फल सेहत के लिए अच्छे होते हैं और गर्मी का मौसम है ऐसे में फलों का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।
  • अगर कोई ऐसा फल है जिसका छिलका आप खुद उतार सकते हैं, जैसे केला, संतरा, तो तरबूज तो उसे आप धोकर खाएं।
  • तरबूज काटते समय उसे अच्छे से साफ करें, साबुन लगाने की जरूरत नहीं है। उसे बहते पानी के नीचे रखकर अच्छे से साफ करें।
  • फलों को काटने वाला चाकू भी साफ होना चाहिए। अगर आप काटने के लिए बोर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो फलों के लिए अलग बोर्ड का इस्तेमाल करें।
  • कभीकभी कुछ लोग इसमें रसायन मिला देते हैं, जैसे लाल रंग। इसलिए तरबूज का एक टुकड़ा पानी में डालकर रंग देखें। टिशू पेपर पर भी रंग देखें तो वो नकली है।
  • तरबूज को अगर काटा हुआ है तो एक घंटे के लिए फ्रिज में रखें और फिर खा लें।एक्सपर्ट के मुताबिक गर्मी में खाने पीने का खास ध्यान रखें। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। बाहर का खुला हुआ खाना खाने से बचें। साफसफाई का ध्यान रखें और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
  • तरबूज काटने से पहले उसे पानी में डुबोकर जांच लें, अगर बुलबुले या झाग दिखें तो सावधान रहें।
  • फल से अगर अजीब गंध आए तो उसे न खाएं।
  • केमिकल से पकाए गए फल सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं, इसलिए हमेशा सतर्क रहें।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए हमेशा किसी योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लें।

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