Neem Karoli Baba in Hindi: नीम करोली बाबा एक सिद्ध पुरूष माने जाते थे। वे एक आध्यात्मिक गुरु भी थे। उन्होंने कई सिद्धियां प्राप्त की और फिर अपना समूचा जीवन मानव कल्याण में लगा दिया। वे 20वीं सदी के महान संतों में से एक थे। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। उनकी दी हुई शिक्षा से आज भी लोग प्रेरित हो रहे हैं।

नीम करोली बाबा ने ऐसेऐसे सुविचार दिए, जिसका पालन उनके भक्त आज भी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कर रहे हैं। उनके भक्तों में आम आदमी से लेकर देशविदेश के वीआईपी तक हैं।
कौन थे नीम करोली बाबा?
नीम करोली बाबा का असली नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था। वे उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपूर के रहने वाले थे। साल 1900 में जन्मे नीम करोली बाबा के पिता दुर्गा प्रसाद गांव के प्रतिष्ठित ब्राह्मण थे। 11 साल की छोटी उम्र में ही नीम करोली बाबा की शादी हो गई। हालांकि उनका मन अध्यात्म में लगता था, इसलिए वो सांसारिक मोह माया त्याग कर 1961 में कैंची धाम पहुंच गए।
1964 तक उन्होंने अपने मित्र के साथ मिलकर भव्य कैंची धाम का निर्माण किया। उनकी समाधि भी पंतनगर में है, जहां उकी विशाल प्रतिमा लगी हुई है। लाखों श्रद्धालु रोजाना उनके दर्शन को आते हैं। कहा जाता है कि महज 17 साल की उम्र में ही उनको की प्राप्ति हुई और उन्होंने घर छोड़ दिया और संन्यासी बन गए। गुजरात के बवानिया मोरबी में उन्होंने कठित तपस्या की, जहां उनको नया नाम तलइया बाबा मिला। इसके अलावा उनको लक्ष्मण दास, और हांडी वाले बाबा भी कहा जाता था।
नीम करोली बाबा धाम
नीम करोली बाबा की दी हुई सीख
- धन को अच्छे कामों में खर्च करने से भगवान प्रसन्न होते हैं। इससे व्यक्ति को ईश्वर का आशीर्वाद मिलता है और उसकी तिजोरी कभी खाली नहीं होती।
- नीम करोली बाबा का मानना था कि धन को सहेज कर रखने से बेहतर है, उसे जरूरतमंदों की मदद करने में खर्च किया जाए। धन संचित करने वाले व्यक्ति से ज्यादा अमीर वह व्यक्ति है, जो अपने धन को जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए इस्तेमाल करता है।
- बाबा नीम करोली का कहना था कि यदि आपका चरित्र और आचरण अच्छा है, तो यही ईश्वर की सच्ची भक्ति है। ऐसे व्यक्ति से अधिक धनवान कोई नहीं है।
- यदि किसी ने आपको तकलीफ दी है, तब भी उसे भगवान का रूप समझ कर प्यार करो।
- किसी को माफ करना सबसे बड़ा हथियार होता है।
- हमेशा ऐसे लोगों की संगति में रहनी चाहिए, जो हमेशा पॉजिटिव सोचते हैं। इससे आगे बढ़ने में मदद मिलती है।
- बाहर की दुनिया को देखने, परखने से बेहतर है, अपने भीतर झांको और खुद को समझो।





