नहीं देखा था करेंसी मार्केट में ऐसा संकट, डॉलर के सामने रुपए में आई 82 पैसे की गिरावट​

रुपए में ऐसी गिरावट कम ही देखने को मिलती है. जब सुबह करेंसी मार्केट खुला था, तब रुपए में डॉलर के मुकाबले में करीब डेढ़ रुपए की गिरावट देखने को मिली थी. बाजार बंद होते होते ये आंकड़ा 82 पैसे पर आ गया. लेकिन ये गिरावट भी बिल्कुल भी कम नहीं है. रुपए में इतनी बड़ी गिरावट का प्रतुख कारण ट्रंप ने शांति प्रस्ताव पर ईरान के जवाब को खारिज कर दिया. साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली. विदेशी निवेशकों का मौजूदा साल में आउटफ्लो 2 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया. वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी की ओर से की गई सेविंग की अपील ने भी गिरावट में अहम योग दिया. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर करेंसी मार्केट में किस तरह के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं.

नहीं देखा था करेंसी मार्केट में ऐसा संकट, डॉलर के सामने रुपए में आई 82 पैसे की गिरावट​

रुपए में 82 पैसे की गिरावट

सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 82 पैसे गिरकर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 95.31 पर बंद हुआ. यह गिरावट तब आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया शांति प्रस्ताव पर ईरान के जवाब को खारिज कर दिया, जिसके बाद कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गईं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से सोना खरीदने से बचने और बचत के उपायों को अपनाने की अपील की, जिससे बाज़ार के सेंटिमेंट को और झटका लगा.

फॉरेक्स ट्रेडर्स के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के मज़बूत होने और विदेशी पूंजी के तेजी से बाहर जाने से स्थानीय मुद्रा पर और दबाव पड़ा. इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में, रुपया 94.97 पर खुला और 94.8795.34 की रेंज में ट्रेड करता रहा. आखिरकार, यह अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 95.31 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 82 पैसे कम था. शुक्रवार को, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.49 पर बंद हुआ था.

ट्रंप का बयान और पीएम मोदी की अपील

इस बीच, ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के ज़रिए अमेरिका के ताज़ा संघर्षविराम प्रस्ताव पर अपना जवाब भेज दिया है और चाहता है कि बातचीत युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने पर केंद्रित हो, ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी. ट्रंप ने महीनों से चल रहे युद्ध को खत्म करने के ईरान के प्रस्ताव को “पूरी तरह से अस्वीकार्य” बताते हुए खारिज कर दिया, हालांकि उन्होंने इसका कोई ब्योरा नहीं दिया. वहीं एक प्रमुख रिपब्लिकन नेता ने उनसे “सैन्य विकल्प” पर विचार करने का आग्रह किया. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच, पीएम मोदी ने रविवार को देश की जनता से ईंधन का समझदारी से इस्तेमाल करने, सोने की खरीद और विदेश यात्राओं को टालने जैसे उपायों को अपनाने की अपील की.

कच्चे तेल से शेयर बाजार तक की स्थिति

  1. इस बीच, डॉलर इंडेक्स, जो छह करेंसी के बास्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.02 पर ट्रेड कर रहा था.
  2. ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड, वायदा कारोबार में 2.52 प्रतिशत बढ़कर 103.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
  3. घरेलू शेयर बाजार की बात करें तो, सेंसेक्स 1,312.91 अंक या 1.70 प्रतिशत गिरकर 76,015.28 पर आ गया, जबकि निफ्टी 360.30 अंक या 1.49 प्रतिशत गिरकर 23,815.85 पर पहुंच गया.
  4. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 4,110.60 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
  5. RBI ने शुक्रवार को बताया कि 1 मई को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.794 अरब डॉलर घटकर 690.693 अरब डॉलर रह गया.
  6. इससे पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह में, कुल भंडार 4.82 अरब डॉलर घटकर 698.487 अरब डॉलर रह गया था.

क्या कहते हैं जानकार?

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स LLP के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि पीएम मोदी ने राजकोषीय घाटे को कम रखने के लिए विदेशी मुद्रा बचाने के मकसद से पेट्रोल, सोना, विदेश यात्राओं आदि की खरीद में कमी लाने को कहा है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इन कदमों का अल्पकालिक असर आर्थिक विकास की गति धीमी होने के रूप में सामने आ सकता है. उन्होंने कहा कि हालांकि ट्रंप ने अपने शांति प्रस्तावों पर ईरान के जवाब को स्वीकार नहीं किया, लेकिन इस घटनाक्रम से कच्चे तेल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल और डॉलर इंडेक्स 98 के स्तर से ऊपर पहुंच गया, जिससे इन दोनों की मांग बनी रही… मंगलवार को रुपया 94.75 से 95.50 के बीच रहने की उम्मीद है.

Leave a Reply