नई दिल्ली। पूर्व वायुसेना प्रमुख और भारतीय जनता पार्टी के नेता आरकेएस भदौरिया ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कैंपबेल बे में चल रहे ‘ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट’ को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। भदौरिया ने राहुल गांधी के बयानों को पूरी तरह से गलत बताते हुए कहा कि यह एक अत्यधिक एकीकृत परियोजना है, जो भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक, दोनों ही मोर्चों पर बेहद महत्वपूर्ण है।

राहुल गांधी के आरोप क्या थे?
एक दिन पहले राहुल गांधी ने इस परियोजना पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे देश की प्राकृतिक और आदिवासी विरासत के खिलाफ सबसे बड़े घोटालों और सबसे गंभीर अपराधों में से एक बताया था। गांधी ने दावा किया था कि इस परियोजना के तहत 160 वर्ग किलोमीटर के वर्षावन में लाखों पेड़ काटे जाएंगे। उन्होंने इस पहल को विकास की भाषा में लिपटा हुआ विनाश करार दिया और ऐलान किया कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।
आरकेएस भदौरिया का पलटवार
पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में भदौरिया ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि ऐसी चिंताएं भ्रामक और बेबुनियाद हैं। उन्होंने बताया कि इस मेगाप्रोजेक्ट में कई अहम चीजें शामिल हैं जो इसे एक ‘स्मार्ट सिटी’ और क्षमतानिर्माण की पहल बनाती हैं:
रणनीतिक और सामरिक महत्व
पूर्व वायुसेना प्रमुख ने पश्चिम एशिया के हालिया संघर्षों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के घटनाक्रमों का हवाला देते हुए इस प्रोजेक्ट के सामरिक महत्व पर जोर दिया।
स्ट्रेट ऑफ मलक्का से दूरी: यह परियोजना भारत को रणनीतिक रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सिर्फ 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थापित करेगी।
चीन पर नजर और वैश्विक व्यापार: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का एक अहम व्यापारिक मार्ग है जहां से 2530% वैश्विक व्यापार होता है। साथ ही, चीन का लगभग 75% ऊर्जा मार्ग इसी रास्ते पर निर्भर है। समुद्री और हवाई ताकत: इससे भारत की वायु और समुद्री क्षेत्र में जागरूकता में भारी वृद्धि होगी और व्यापार मार्गों को सुरक्षित करने की क्षमता बढ़ेगी।
पर्यावरण और आदिवासियों के हितों पर स्पष्टीकरण
राहुल गांधी का नाम लिए बिना भदौरिया ने कहा कि आदिवासियों के हितों की अनदेखी और अंधाधुंध पेड़ों की कटाई का नैरेटिव पूरी तरह से गलत है। उन्होंने जानकारी दी कि कुल वन क्षेत्र का केवल 1.78 प्रतिशत हिस्सा ही इस परियोजना से प्रभावित होगा। भदौरिया ने आश्वासन दिया कि आदिवासी हित सर्वोपरि हैं। उनके अधिकारों की रक्षा के लिए विशेष समितियों का गठन किया जा रहा है और इस परियोजना से आदिवासी समुदायों के लिए विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
पूर्व मेजर जनरल केके सिन्हा का समर्थन
इस बीच, मेजर जनरल केके सिन्हा ने भी एक वीडियो संदेश जारी कर ‘ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट’ को देश के लिए गेम चेंजर बताया है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि यह न केवल भारत के आर्थिक विकास में योगदान देगा बल्कि दुनिया में भारत की रणनीतिक स्थिति को भी अभूतपूर्व मजबूती देगा।
सिन्हा ने आरोप लगाया कि भारत के कुछ क्षेत्रीय विरोधी देश नहीं चाहते कि यह परियोजना सफल हो। उन्होंने देश के भीतर से उठ रही विरोधी आवाजों को ‘डीप स्टेट’ के एजेंडे का हिस्सा करार दिया।





