
US nationals detained at Srinagar airport: जम्मू-कश्मीर से बेहद चौंकाने वाली खबर आ रही है. जहां श्रीनगर एयरपोर्ट से दो अमेरिकी नागरिकों के पास से प्रतिबंधित सैटेलाइट फोन बरामद होने के चलते उन्हें हिरासत में लिया गया है. इस मामले की जांच जारी है. आरोपियों की पहचान का खुलासा कर दिया गया है. अधिकारियों ने बताया, एयरपोर्ट पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा प्रतिबंधित सैटेलाइट संचार उपकरण बरामद किए जाने के बाद रविवार को श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया गया.
जेफ्री स्कॉट और हलदर कौशिक नाम के दो व्यक्तियों को एयरपोर्ट में नियमित सुरक्षा जांच के दौरान रोका गया था. इनमें से एक अमेरिका के मोंटाना का निवासी है, जांच में उसके पास गार्मिन सैटेलाइट ट्रैकर बरामद हुआ, जो स्थानीय नियमों के तहत प्रतिबंधित उपकरण है.
एक को रोका-दूसरे को छोड़ा
सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों से पूछताछ की उसके बाद एक को हिरासत में लिया गया, वहीं उसके साथ आए मित्र को जाने दिया गया. क्योंकि उसका बैग क्लीन था, उसके पास कोई प्रतिबंधित वस्तु नहीं पाई गई. हालांकि वो अब भी भारतीय खुफिया एजेंसियों और पुलिस के राडार पर है. अधिकारियों ने यह भी बताया कि कश्मीर क्षेत्र में सैटेलाइट फोन और संबंधित संचार उपकरणों के उपयोग और कब्जे को सख्ती से नियंत्रित किया जाता है. ऐसे उपकरण साथ रखने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से मंजूरी आवश्यक होती है. इन उपकरणों का इस्तेमाल गैरकानूनी होने की वजह से स्थानीय कानून का उल्लंघन माना जाता है.
एयरपोर्ट में चौकन्ना रहती हैं एजेंसियां
इस मामले में एयरपोर्ट पर लगातार सुरक्षा बलों की चौकसी का ताजा सबूत दिया गया है. यहां सुरक्षा एजेंसियां प्रतिबंधित संचार उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर बेहद सतर्क रहती हैं.
पिछले महीने गिरफ्तार हुए थे पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले
आपको बताते चलें कि 14 मार्च को यूपी पुलिस ने गाजियाबाद में पाकिस्तान के 6 जासूसों को पकड़ा था, जो भारत की महत्वपूर्ण और संवेदनशील जानकारियां विदेश भेज रहे थे. उनसे पूछताछ में 11 लोगों का और नाम सामने आया था. जिसमें से 5 नाबालिग थे. गाजियाबाद पुलिस ने उनके कब्जे से महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन पर लगाए गए दो सीसीटीवी कैमरे, 9 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए थे.
गाजियाबाद पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया था कि जासूसी गैंग का संचालन सीमा पार से किया जा रहा था. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। ये गैंग विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा बल के ठिकाने अन्य महत्वपूर्ण और संवेदनशील इलाकों जैसे रेलवे स्टेशन की रेकी कर उनके फोटो वीडियो और जीपीएस लोकेशन विदेशी नंबरों पर भेज रहा था. जीपीएस लोकेशन भेजने के लिए उनके गैंग के फोनों में एक खास एप इंस्टॉल किया गया था जिसको चलाने की ट्रेनिंग भी सीमा पर विदेशी संचालकों ने ऑनलाइन दी थी.





