केंद्रीय तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 12 मई को कहा कि सरकार ने एलपीजी का प्रोडक्शन पहले के लगभग 35,000 टन से बढ़ाकर 55,00056,000 टन कर दिया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में कहीं भी फ्यूल की कोई कमी नहीं है. मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि फ्यूल की कीमतों में इजाफा हो सकता है, लेकिन उन्होंने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि सरकार ने हाल ही में संपन्न हुए राज्यों के चुनावों के कारण कीमतों में किसी भी बदलाव को टाल दिया था.

आपको बता दें कि 10 मई को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम में देश को सलाह दी थी कि पेट्रोल और डीजल का यूज कम से कम करें. कार पूलिंग का उपयोग करें. पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें. ताकि कच्चे तेल का इंपोर्ट कम किया जा सके और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर कम असर पड़ सके. जिसके बाद आम लोगों में चिंता बढ़ गई थी कि क्या देश में पेट्रोल और डीजल की कमी होने वाली है? अब जब तेल मंत्री का बयान आया है, तो थोड़ी राहत महसूस की जा सकती है.
देश के पास 60 दिनों का तेल
CII एनुअल बिज़नेस समिट 2026 में पुरी ने कहा कि हमने चुनौती को एक अवसर में बदल दिया है. हमने पिछले चार सालों से कीमतें नहीं बढ़ाई हैं. मैं यह नहीं कह रहा हूं कि कीमतें नहीं बढ़ेंगी. मैं बस यह कह रहा हूं कि कीमतों और चुनावों का आपस में कोई लेनादेना नहीं है. पुरी ने कहा कि भारत के पास अपने स्टॉक में पर्याप्त कच्चा तेल और LPG मौजूद है. हमारे पास 60 दिनों का कच्चा तेल है, जो हमारी जरूरत के हिसाब से अधिकतम है. हमारे पास 60 दिनों की LNG और 45 दिनों की LPG है.
रोज 1000 करोड़ का नुकसान
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का संकेत देते हुए मंत्री ने कहा कि तेल मार्केटिंग कंपनियों को हर दिन 1,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है. उन्होंने बताया कि इन कंपनियों को 198,000 करोड़ रुपए की ‘अंडररिकवरी’ हो रही है और इस तिमाही में उनका कुल नुकसान 1 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दूरदर्शी बयान दिया है कि अगर यह जारी रहता है, तो हमें राजकोषीय दबाव को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने होंगे.
कंपनियों का मुनाफा खत्म?
तेल मार्केटिंग कंपनियां इसे कब तक झेल पाएंगी, यह बात मुझे चिंतित करती है. उन्होंने आगे कहा कि पिछले साल कमाए गए सारे मुनाफे, मौजूदा दरों के कारण हो रहे नुकसान की वजह से खत्म होते जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि सरकार ने इस संकट को पूरी जिम्मेदारी के साथ संभाला है. कंपनियां कंज्यूमर्स को बचाने के लिए नुकसान उठा रही हैं. हमने इस संकट को पूरी जिम्मेदारी के साथ संभाला है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। कहीं भी ईंधन की कोई किल्लत नहीं है. हमने लगभग सभी क्षेत्रों में गैस की आपूर्ति बहाल कर दी है.





