Jyeshtha Amavasya: ज्येष्ठ अमावस्या 16 मई 2026 को है। इस दिन शनि जयंती भी मनाई जाएगी और साथ ही ग्रहों के विशेष संयोग से इस दिन सर्प योग भी बना रहेगा। आपको बता दें कि जब भी कुंडली के सात ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं तो इसे सर्प योग या कालसर्प योग कहा जाता है। ज्योतिष में इसे दोष की संज्ञा भी दी गई है। ज्येष्ठ अमावस्या के दिन सिंह में बैठे केतु और कुंभ में बैठे राहु के बीच कुंडली के सभी 7 ग्रह होंगे यानि सर्प योग बना रहेगा। इसलिए ज्येष्ठ अमावस्या के दिन कालसर्प दोष से मुक्ति आप कुछ कार्य करके पा सकते हैं। साथ ही शनि जयंती होने के कारण शनि देव से जुड़े दोष से भी मुक्त आप हो सकते हैं और अमावस्या के दिन पितरों को भी आप प्रसन्न कर सकते हैं। यानि ज्येष्ठ अमावस्या पर कुछ उपाय आपको पितृ दोष , कालसर्प दोष, शनि दोष से मुक्ति दिला सकते हैं और आपके किस्मत के बंद ताले खुल सकते हैं। ऐसे में आज हम आपको उन उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें करने से आपको सौभाग्य की प्राप्ति होगी।

महामृत्युंजय मंत्र का जप
भगवान शिव का महामृत्युंजय मंत्र सर्प दोष और शनि दोष से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है। इस मंत्र का कम से कम 1008 बार आपको वैशाख अमावस्या के दिन जप करना चाहिए। ऐसा करने से सर्प दोष का विषैला प्रभाव दूर होता है और शनि देव की भी आपको कृपा आपको मिलती है क्योंकि शनि देव भगवान शिव के परम भक्त हैं। यह उपाय करने से आपको रोग, दोष से मुक्ति मिल सकती है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं।
मंत्र ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।
नागनागिन से जुड़ा उपाय
ज्येष्ठ अमावस्या के दिन आपको कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए चांदी के नागनागिन का जोड़ा किसी शिव मंदिर में दान करना चाहिए। इसके साथ ही आप नागनागिन के जोड़े को किसी पवित्र नदी में प्रवाहित भी कर सकते हैं। ज्येष्ठ अमावस्या पर यह छोटा सा उपाय आपके जीवन की सभी परेशानियों को दूर कर सकता है। ऐसा करने से भाग्य का साथ और आर्थिक लाभ आपको मिलता है।
पीपल की पूजा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पीपल के पेड़ में पितरों का वास होता है साथ ही शनि देव भी पीपल के पेड़ की पूजा करने से प्रसन्न होते हैं। इसलिए आपको ज्येष्ठ अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। पीपल तले सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए और पीपल की सात बार परिक्रमा करनी चाहिए। यह उपाय आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है।
ज्येष्ठ अमावस्या पर करें दान
ज्येष्ठ अमावस्या के दिन कुछ चीजों का दान करना आपके लिए बेहद सुखद रह सकता है। इस दिन शनि देव को प्रसन्न करने के लिए काले तिल, सरसों के तेल, काले वस्त्रों दान आपको करना चाहिए। कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए शिव मंदिर में दूध, दही आदि का दान आप कर सकते हैं। वहीं पितरों को प्रसन्न करने के लिए अन्न, जल और वस्त्र का दान आपको करना चाहिए।
पशुपक्षियों को कराएं भोजन
ज्येष्ठ अमावस्या के दिन अगर आप गाय, कौआ, कुत्ता आदि को भोजन करवाते हैं तो शुभ फल आपको मिलते हैं। बेजुबान जानवरों की सेवा करने से हर प्रकार का दोष दूर होता है। ऐसा करने से महादेश और शनि की कृपा आप पर बरसती है और पितरों का आशीर्वाद भी आप पाते हैं। यह एक ऐसा उपाय है जिसे करने से पितृ दोष, कालसर्प दोष और शनि दोष सभी से आपको मुक्ति मिल सकती है।





