Resilient Futures Summit 2026: सागर अदाणी ने भारत के एनर्जी फ्यूचर पर पेश किया 100 अरब डॉलर का रोडमैप

रेजिलिएंट फ्यूचर्स समिट 2026 में अदाणी ग्रीन एनर्जी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने भारत के ऊर्जा भविष्य को लेकर व्यापक विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एनर्जी सिक्योरिटी सबसे अहम आधार है।

Resilient Futures Summit 2026: सागर अदाणी ने भारत के एनर्जी फ्यूचर पर पेश किया 100 अरब डॉलर का रोडमैप

सागर अदाणी ने जोर देकर कहा कि किसी भी देश की वास्तविक ताकत उसकी ऊर्जा उपलब्धता से तय होती है। उन्होंने बताया कि भारत के तेज विकास के लिए मजबूत ऊर्जा ढांचा सबसे जरूरी है।

इस दौरान उन्होंने अदाणी ग्रुप की ओर से प्रस्तावित 100 अरब डॉलर के निवेश योजना का उल्लेख किया, जिसे वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े निजी क्षेत्र के निवेशों में से एक बताया जा रहा है। यह योजना केवल निवेश नहीं बल्कि एक एकीकृत रणनीति का हिस्सा है, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी, ऊर्जा भंडारण, ट्रांसमिशन नेटवर्क, ग्रीन हाइड्रोजन और डेटा सेंटर्स जैसे क्षेत्रों का विकास शामिल है।

उन्होंने कहा कि समूह सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी नहीं, बल्कि भारत की ऊर्जा रीढ़ बनने की दिशा में काम कर रहा है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में सप्लाई चेन और ऊर्जा बाजार में आने वाले उतारचढ़ाव को देखते हुए, भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

विकसित भारत @2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए सागर अदाणी ने बताया कि भारत में प्रति व्यक्ति बिजली खपत अभी वैश्विक औसत और चीन की तुलना में काफी कम है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। ऐसे में आने वाले दो दशकों में देश को करीब 2000 गीगावॉट अतिरिक्त ऊर्जा क्षमता जोड़ने की आवश्यकता होगी।

उन्होंने कहा कि भारत के हर क्षेत्र जैसे मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी की प्रगति ऊर्जा पर निर्भर है। इसलिए देश को 24 घंटे उपलब्ध, सस्ती और भरोसेमंद बिजली की जरूरत है।

सागर अदाणी ने यह भी कहा कि केवल रिन्यूएबल एनर्जी पर निर्भरता पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि हाइड्रो, थर्मल और न्यूक्लियर ऊर्जा के साथ संतुलित ऊर्जा मिश्रण आवश्यक है। उन्होंने बैलेंस्ड एनर्जी पोर्टफोलियो पर जोर दिया।

अपने संबोधन में उन्होंने “इलेक्ट्रिफाई एवरीथिंग” की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए घरेलू संसाधनों पर आधारित आत्मनिर्भर ऊर्जा प्रणाली विकसित करने की बात कही।

उन्होंने सरकार द्वारा पिछले वर्षों में किए गए नीति सुधारों की भी सराहना की और कहा कि बेहतर नीतिगत माहौल से ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में विकास को गति मिली है।

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