West Bengal Assembly Election 2026 Live Updates: पश्चिम बंगाल में हाईवोल्टेज राजनीतिक मुकाबला अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है. बुधवार को दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग हो रही है, जिसमें 294 में से 142 सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर है. बीजेपी राज्य में पहली बार सरकार बनाने की कोशिश में है. हालांकि कांग्रेस और CPI भी मैदान में हैं, लेकिन मुकाबला मुख्य रूप से TMC बनाम बीजेपी ही माना जा रहा है.

पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हुआ था, जिसमें रिकॉर्ड 93.17% वोटिंग दर्ज की गई. अब उम्मीद की जा रही है कि दूसरे चरण में भी इतनी ही ज्यादा वोटिंग हो सकती है. ज्यादा वोटिंग के चलते TMC और बीजेपी दोनों ही अपने पक्ष में माहौल बनने का दावा कर रहे हैं. अंतिम चरण में दक्षिण बंगाल की सीटों पर वोटिंग हो रही है, जहां पिछले 15 साल से TMC का दबदबा रहा है. 2021 के चुनाव में बीजेपी ने उत्तर बंगाल में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन दक्षिण बंगाल में उसे ज्यादा सफलता नहीं मिली थी. यहां 77 सीटों में से बीजेपी सिर्फ 18 सीटें ही जीत पाई थी. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। पश्चिम बंगाल में शाम 6 बजे तक के वोटिंग के आंकड़े सामने आ गए है. राज्य में कुल 142 सीटों के लिए 91.41 प्रतिशत वोटिंग हुई है.
बंगाल में बनेगी बीजेपी की सरकार: मजूमदार
केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने कहा कि मुझे लगता है कि जनता ने इस बार भाजपा के पक्ष में वोट किया है. ममता बनर्जी के खिलाफ जनता ने उमड़कर मतदान किया है और इसका लाभ भाजपा को मिलने वाला है.170 से ज्यादा सीटों के साथ भाजपा की सरकार बनने वाली है.
बुजुर्ग की मौत पर अभिषेक बनर्जी का फूटा गुस्सा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उदयनारायणपुर में, एक बुजुर्ग व्यक्ति अपने बेटे के साथ वोट डालने गए. वे इतने कमज़ोर थे कि बिना सहारे चल नहीं सकते थे, इसलिए उनके बेटे ने उन्हें बूथ के अंदर ले जाने में मदद करने की कोशिश की. केंद्रीय बलों ने दोनों को धक्का दिया और उनके साथ ज़ोरज़बरदस्ती की. बुजुर्ग व्यक्ति वहीं गिर पड़े; उन्हें तुरंत आमता अस्पताल ले जाया गया, जहाँ पहुँचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. भोर होने के बाद से ही, ये केंद्रीय बल आम नागरिकों में दहशत फैला रहे हैं, महिलाओं को थप्पड़ मार रहे हैं, बुजुर्गों पर हमला कर रहे हैं, और यहाँ तक कि बच्चों को भी नहीं बख्श रहे. यही 2021 की ‘शीतलकुची मानसिकता’ है: निहत्थे नागरिकों के खिलाफ निर्मम और बेरहम हिंसा. 2021 में निर्दोषों के खून की कीमत BJP को बहुत भारी पड़ी थी. 2026 में उन्हें इसकी और भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी.





