Mainpuri DM Action on School Admission: मैनपुरी के जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने स्कूल द्वारा दाखिला न दिए जाने की बच्चों की शिकायत पर बड़ा एक्शन लिया है. डीएम के निर्देश पर 1 घंटे में 15 बच्चों का एडमिशन हो गया. इसके बाद उन्होंने कपोजिट विद्यालय मलिखानपुर को गोद भी ले लिया.

Mainpuri DM Quick Action: 15 Children Get Admission Within 1 Hour After Complaining To DM Indramani Tripathi.
Mainpuri DM Action on School Admission: मैनपुरी विकासखंड जागीर के ग्राम मलीखानपुर से करीब 20 बच्चे जिलाधिकारी डॉ. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इंद्रमणि त्रिपाठी के पास फरियाद लेकर पहुंचे. बच्चों ने डीएम को बताया कि वे पढ़ना चाहते हैं, लेकिन कपोजिट विद्यालय मलखानपुर में उनका नामांकन नहीं किया जा रहा. कई बार स्कूल जाने के बावजूद उन्हें प्रवेश नहीं मिला. एक छात्रा ने यह भी शिकायत की कि विद्यालय द्वारा उसे टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) नहीं दी जा रही, जिससे उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
बच्चों की शिकायत सुनते ही जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया. उन्होंने बच्चों को अपने पास बुलाया, उनसे बातचीत की और टॉफी, चॉकलेट व लड्डू वितरित कर उनका हौसला बढ़ाया. इसके तुरंत बाद डीएम ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका गुप्ता और खंड शिक्षा अधिकारी जागीर को मौके पर भेजने के निर्देश दिए.
एक घंटे में 15 बच्चों का दाखिला
डीएम के सख्त निर्देश के बाद शिक्षा विभाग तत्काल हरकत में आया और महज एक घंटे के भीतर 15 बच्चों का विद्यालय में नामांकन करा दिया गया. जिन बच्चों को अब तक स्कूल में प्रवेश नहीं मिल रहा था, उन्हें उसी दिन दाखिला दिला दिया गया. प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से बच्चों और अभिभावकों में खुशी दिखाई दी.

Photo Credit: “Sir, School Won’t Admit Us”: Mainpuri DM Sends BSA on Spot, Adopts School Himself to Ensure Education.
विद्यालय को ले लिया गोद
मंगलवार 19 मई को जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बड़ा फैसला लेते हुए कपोजिट विद्यालय को गोद ले लिया. उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब जिले के अन्य अधिकारियों को भी दो-दो विद्यालय गोद लेने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि स्कूलों की व्यवस्थाओं की निगरानी बेहतर ढंग से हो सके और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे.
तो सख्त कार्रवाई की जाए
डीएम ने साफ कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और किसी भी परिस्थिति में बच्चों को विद्यालय से दूर नहीं रखा जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि कहीं भी नामांकन में लापरवाही या बच्चों को परेशान करने की शिकायत मिलती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. डीएम के इस फैस्ले की जमकर सराहना हो रही है.





