देशभर में भयंकर गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है. जिसके चलते मौसम विभाग ने कहीं रेड तो कहीं ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. क्या होता है रेड और ऑरेंज अलर्ट का मतलब?

दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. मई के महीने में पड़ रही प्रचंड गर्मी और तेज लू ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. राजधानी दिल्ली में मंगलवार को तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि दोपहर के समय चल रही गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका जताई है.
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में भी हीटवेव का असर तेजी से बढ़ रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस सप्ताह कई इलाकों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है. सरकार ने भी लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां अपनाने की अपील की है. गर्मी को लेकर मौसम विभाग ने कहीं रेड तो कहीं ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
क्या होता है रेड अलर्ट?
रेड अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी की जाने वाली सबसे गंभीर चेतावनी होती है. इसका मतलब है कि अत्यधिक खतरनाक गर्मी की स्थिति बन चुकी है या बनने वाली है. आमतौर पर यह अलर्ट तब जारी किया जाता है जब तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की संभावना हो या सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जाए. इस स्थिति में हीट स्ट्रोक और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे घर के अंदर रहें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलें.
ऑरेंज अलर्ट का क्या है मतलब?
ऑरेंज अलर्ट रेड अलर्ट से एक स्तर नीचे की चेतावनी मानी जाती है. यह संकेत देता है कि मौसम बेहद गर्म हो चुका है और हालात गंभीर हो सकते हैं. जब तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान होता है, तब यह अलर्ट जारी किया जाता है. यह स्थिति सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकती है. लंबे समय तक धूप में रहने से डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और हीट एक्सॉशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. मौसम विभाग लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह देता है.
गर्मी से बचाव के लिए क्या करें?
1. दिन में बार-बार पानी पीते रहें
2. धूप में निकलते समय सिर और चेहरे को ढकें
3. हल्के और सूती कपड़े पहनें
4. दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
5. बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
6. शरीर में पानी की कमी न होने दें





