टिम कुक भी हुए मुरीद! ग्लोबल मंदी के बाद भी भारत में आई iPhone की सुनामी, एपल ने रखे चौंकाने वाले आंकड़े

Apple के मौजूदा CEO टिम कुक ने कहा कि हाल ही में मिली जबरदस्त सफलता के बावजूद, कंपनी के पास ग्रोथ की अभी भी बहुत गुंजाइश है. कुक ने निवेशकों के साथ एक कॉल में बताया कि मार्च तिमाही में भारत और अन्य उभरते बाज़ारों में iPhone, iPad और Mac की सेल्स में Apple ने दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की है. बिक्री में यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है, जब ब्रॉडर भारतीय स्मार्टफोन बाजार ने बढ़ती कंपोनेंट कॉस्ट और कम डिमांड के दबाव के चलते पिछले छह वर्षों में अपनी सबसे कमजोर तिमाही देखी है. मार्च तिमाही में हैंडसेट की शिपमेंट में सालदरसाल 35 फीसदी की गिरावट आई, क्योंकि कीमतों में बढ़ोतरी ने बाजार में डिमांड को काफी प्रभावित किया है.

टिम कुक भी हुए मुरीद! ग्लोबल मंदी के बाद भी भारत में आई iPhone की सुनामी, एपल ने रखे चौंकाने वाले आंकड़े

एपल का भारत में बाजार

IDC India की रिसर्च मैनेजर उपासना जोशी ने ईटी की रिपोर्ट में कि पिछली तिमाहियों की तुलना में Q1’26 में आक्रामक छूट और किफायती कार्यक्रमों में कमी के बावजूद, Apple ने मूल्य के मामले में मजबूत दोहरे अंकों की वृद्धि हासिल की. IDC ने बताया कि भारत में मार्च तिमाही में Apple की कुल शिपमेंट में iPhone 17 सीरीज का योगदान 60 फीसदी रहा. Counterpoint Research के अनुसार, iPhone 17 सीरीज की लगातार बनी हुई गति के दम पर, Apple भारतीय स्मार्टफोन बाजार में सबसे ज़्यादा 25 फीसदी से अधिक मूल्य हिस्सेदारी और 9 फीसदी मात्रा हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़े प्लेयर के रूप में बना हुआ है. Counterpoint Research के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा कि यह ग्रोथ इसके उत्पादों, चैनलों और परिचालन में अपनाए गए बहुकेंद्रित दृष्टिकोण का परिणाम है.

वॉर का कम पड़ा असर

उन्होंने आगे कहा कि iPhone के अलावा, Apple के लिए Mac और iPad श्रेणियों में भी यह एक ठोस तिमाही रही, क्योंकि भारत में इसकी आकर्षक अपील अब पहले से कहीं अधिक मजबूत है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। परिणामस्वरूप, इस तिमाही के दौरान कंपनी ने Apple इकोसिस्टम में प्रवेश करने वाले यूजर्स की रिकॉर्ड संख्या देखी. कुक ने कहा कि मौजूदा कमी के दौरान मेमोरी चिप्स हासिल करने में Apple को किसी भी तरह की बाधा का सामना नहीं करना पड़ा. कुक ने कहा कि दिसंबर तिमाही में, मेमोरी की वजह से हम पर बहुत कम असर पड़ा.

मार्च तिमाही में हमने मेमोरी की कॉस्ट में बढ़ोतरी देखी, जिसकी आंशिक भरपाई हमारे पास पहले से मौजूद इन्वेंट्री से मिले लाभ से हो गई. हालांकि, Apple को जून तिमाही में मेमोरी की कॉस्ट में काफी अधिक बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसकी आंशिक भरपाई मौजूदा इन्वेंट्री से हो जाएगी. मौजूदा तिमाही के बाद, कुक ने चेतावनी दी कि मेमोरी की बढ़ती लागत का Apple के कारोबार पर बढ़ता हुआ असर पड़ेगा. कंपनी कीमतों में होने वाली इस बढ़ोतरी से निपटने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रही है.

भारत में और बढ़ने के मौके

भारतीय बाज़ार पर टिप्पणी करते हुए कुक ने कहा कि भारत में बहुत से लोग मध्यम वर्ग में शामिल हो रहे हैं. अगर आप हमारी सभी कैटेगरी—iPhone से लेकर Mac, iPad और Watch तक—के ज़्यादातर ग्राहकों को देखें, तो वे उस प्रोडक्ट के लिए नए हैं. इसलिए, यह वहां हमारे यूजर बेस के बढ़ने का एक बहुत अच्छा संकेत है. कुल मिलाकर, मैं भारत को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित हूं. कुक ने शुक्रवार को एनालिस्ट्स के साथ एक कॉल के दौरान कहा कि मुझे लगता है कि यह हमारे लिए एक बहुत बड़ा मौका है. हम कुछ समय से इस पर ध्यान दे रहे हैं. यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार है और तीसरा सबसे बड़ा PC बाजार है. भारत में काफी समय से बहुत अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद, हमारा मार्केट शेयर अभी भी कम है.

Leave a Reply