तुलसी के पौधे में फिटकरी का पानी डालने से क्या होता है?

तुलसी का पौधा भारतीय घरों में न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह एक औषधीय गुणों से भरपूर पौधा भी है। अक्सर गार्डनिंग के शौकीन लोग इसकी अच्छी ग्रोथ और इसे कीड़ों से बचाने के लिए कई तरह के घरेलू नुस्खों अपनाते हैं। इन्हीं में से एक उपाय है तुलसी में फिटकरी के पानी का इस्तेमाल। लेकिन सवाल ये है कि क्या सच में तुलसी के पौधे में फिटकरी का पानी डालना सही है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। चलिए जानते हैं तुलसी के पौधे में फिटकरी का पानी डालने से क्या होता है।

तुलसी के पौधे में फिटकरी का पानी डालने से क्या होता है?

1. मिट्टी का pH लेवल संतुलित करे
तुलसी के पौधे को हल्की अम्लीय मिट्टी पसंद होती है। यदि आपके गमले की मिट्टी बहुत अधिक अल्कलाइन हो गई है, तो पौधे की ग्रोथ रुक सकती है और पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं। फिटकरी का पानी प्रकृति में अम्लीय होती है। जब हम फिटकरी का पानी मिट्टी में डालते हैं, तो यह मिट्टी के pH स्तर को संतुलित करने में मदद करती है, जिससे पौधा फिर से हराभरा होने लगता है।

2. कीटों और फंगस से बचाव
तुलसी के पौधे में अक्सर ‘एफिड्स’, ‘स्पाइडर माइट्स’ या मिट्टी में पनपने वाले छोटे कीड़ों का हमला होता है। फिटकरी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। फिटकरी का पानी मिट्टी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और कीड़ों को खत्म करने का काम करता है। यदि पौधे की जड़ों में फंगस लग रही हो, तो फिटकरी का इस्तेमाल उसे सड़ने से बचा सकता है।

3. पत्तियों की चमक और हरियाली
जब मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है, तो पौधा पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से सोख पाता है। फिटकरी का सही मात्रा में इस्तेमाल करने से तुलसी की पत्तियां अधिक घनी, बड़ी और चमकदार होती हैं। यह क्लोरोफिल के उत्पादन में अप्रत्यक्ष रूप से सहायता करता है, जिससे पौधा साल भर हरा भरा रहता है।

4. पानी की अशुद्धियों को दूर करे
कई बार हम जिस पानी का उपयोग पौधों के लिए करते हैं, उसमें क्लोरीन या अन्य तत्व अधिक होते हैं। फिटकरी पानी को साफ करने का काम करती है। यह पानी की अशुद्धियों को नीचे बैठा देती है, जिससे पौधे को शुद्ध पानी मिलता है।

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