Types Of Milk: अमूल और मदर डेयरी ने हाल में अपने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। दूध के दामों में हुई वृद्धि के बाद से यह बहस तेज हो गई है कि कौन सा दूध बेहतर है A1 या A2। कौन सा दूध अधिक सुपाच्य और पौष्टिक है? बच्चों के लिए किस प्रकार का दूध अच्छा है। पहले दुनिया भर में A2 दूध ही मिलता था, इसके बाद यूरोप की कुछ गायों की नस्ल में जेनेटिक बदलाव हुए और A1A2 दूध हो गया।

गाय के दूध में पाया जाने वाले प्रोटीन को बीटा केसिन कहा जाता है। सभी प्रोटीन में अमीनो एसिड्स की कड़ी पाई जाती है, लेकिन बीटा केसिन प्रोटीन में कुल 229 अमीनो एसिड होते है।
क्या फर्क है ए1 और ए2 मिल्क में
दूध में केसिन सबसे अधिक पाया जाता है। कुल दूध का लगभग 80 फीसदी हिस्सा केसिन होता है। दूध में कई प्रकार के केसिन होते हैं, लेकिन बीटा केसिन सबसे आम है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इसके अलावा दूध में कुल 13 प्रकार के केसिन पाए जाते हैं।
A1 बीटा केसिन
यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से आने वाली विदेशी गायों का दूध ए1 होता है, लेकिन इसकी गुणवत्ता निम्न स्तर की होती है। इन गायों में ए1 बीटा केसिन की मात्रा अधिक होती है। इन गायों में होल्स्टीन, फ्रीजियन, आयरशायर और ब्रिटिश शॉर्टहॉरन आम है।
A2 बीटा केसिन
चैनल द्वीप समूह और दक्षिणी फ्रांस के देशों में पाई जाने वाली गायों में ए2 बीटा केसिन अधिक मात्रा में पाया जाता है। इनमें ग्वेर्नसे, जर्सी, चारोले और लिमोजियन गायें शामिल है।
क्या होता है स्वास्थ्य पर प्रभाव
ए1 मिल्क से कई लोगों में पेट फूलना, गैस व दस्त जैसी समस्याएं पैदा करता है। इसके साथ ही ए1 मिल्क के सेवन से दिल की बीमारी का खतरा, टाइप 1 डायबिटीज, ऑटिज्म, सिजोफ्रेनिया, बच्चों में सायकोमोटर व एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ती है।
दरअसल ए1 मिल्क में मौजूद पेप्टाइडस को अमीनो एसिड में नहीं तोड़ा जा सकता है। इसी कारण इसे पचाने में कठिनाई आती है और कई रोग जन्म लेते हैं।
ए2 दूध को इसलिए अच्छा माना जाता है, क्योंकि ए2 दूध में मौजूद लैक्टोज आसानी से पचाया जा सकता है। हालांकि दोनों ही प्रकार के दूध में लैक्टोज होता है। इसके साथ ही ए2 दूध में प्रोलिन नामक अमीनो एसिड है, जो इसे स्वास्थ्यवर्द्धक बनाता है। ए2 मिल्क मानव, बकरी और भेड़ के दूध में पाया जाता है।
बच्चों के लिए कौन सा दूध सेहतमंद?
बच्चों के लिए ए2 दूध ही श्रेष्ठ माना जाता है। इससे बच्चों में मोटापा नहीं होता, दिमागी क्षमता बढ़ती है, पाचन में वृद्धि होती है। इसी कारण से बच्चों के लिए मां का दूध बेस्ट होता है।
साथ ही यह दूध थकान, सुस्ती, अधिक भूख और अधिक प्यास भी नहीं लगने देता है। इसमें का कॉम्बिनेशन होता है। इसी श्रेणी में भारतीय गायों का दूध आता है। भारत में इस क्वालिटी का दूध गिर गाएं देती है। गाय के दूध से बुखार, यूरिनरी ट्रेक की बीमारियां, रक्त की परेशानियों में राहत मिलती है।
इसमें विटामिन डी की संतुलित मात्रा होती है, जो आसानी से आंतों से कैल्शियम प्राप्त कर लेता है। और ओस्टियोपोरोसिस में भी गाय का दूध लाभदायक होता है।





