नन्हे मियां आसमान से उड़कर नीचे गिरे, फिर भी क्यों नहीं आई ज्यादा चोट; ये है वजह​

Bareilly News: बरेली जिले में आए तेज आंधीतूफान के बीच हुआ एक हादसा अब लोगों के लिए हैरानी का विषय बना हुआ है. मजदूरी करने वाले 50 वर्षीय नन्हे मियां टीन शेड के साथ हवा में कई फीट ऊपर तक उड़ गए और फिर दूर जाकर मक्का के खेत में गिरे. इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी उनकी जान बच गई. लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद नन्हे मियां को गंभीर जानलेवा चोट क्यों नहीं आई?

नन्हे मियां आसमान से उड़कर नीचे गिरे, फिर भी क्यों नहीं आई ज्यादा चोट; ये है वजह​

डॉक्टरों और गांव के लोगों के मुताबिक, नन्हे मियां की जान बचने के पीछे सबसे बड़ी वजह वह मक्का का खेत और उसमें भरा पानी माना जा रहा है, जहां वह जाकर गिरे. हादसे में उनका एक हाथ और एक पैर जरूर टूट गया, लेकिन अगर वह किसी पक्की सड़क, दीवार या सूखी जमीन पर गिरते तो शायद हालत और ज्यादा गंभीर हो सकती थी.

नन्हे मियां मजदूरी करके अपने परिवार का पालनपोषण करते हैं. परिवार में पत्नी और पांच बच्चे हैं. रोज की तरह वह अपने साथियों के साथ काम कर रहे थे. इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया. तेज बारिश शुरू हुई और देखते ही देखते तेज आंधीतूफान चलने लगा. वहां मौजूद मजदूर एक टीन शेड के नीचे इकट्ठा हो गए. तेज हवा को देखते हुए उन्होंने शेड को रस्सी से बांधकर पकड़ लिया ताकि वह उड़ न जाएं.

View this post on Instagram

A post shared by Asian News International

120 की रफ्तार वाली हवा में टूट गई रस्सी

नन्हे मियां ने बताया कि हवा इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में रस्सी टूट गई. बाकी मजदूर पीछे हट गए, लेकिन वह और उनके दो साथी टीन शेड के एंगल पकड़कर खड़े रहे. तभी अचानक तेज झोंका आया और तीनों हवा में ऊपर उठ गए. उन्होंने बताया कि उस समय कुछ समझ नहीं आ रहा था. ऐसा लग रहा था कि अब जान नहीं बचेगी. तेज हवा उन्हें काफी दूर तक उड़ा ले गई. कुछ सेकेंड बाद वह मक्का के खेत में जाकर गिरे. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। खेत में पानी भरा था और कीचड़ बना हुआ था. यही चीज उनकी जिंदगी बचाने की सबसे बड़ी वजह बनी.

विशेषज्ञों के मुताबिक, जब कोई व्यक्ति ऊंचाई से कठोर जमीन पर गिरता है तो शरीर को पूरा झटका लगता है, जिससे सिर और रीढ़ की हड्डी पर गंभीर असर पड़ता है, लेकिन अगर नीचे नरम सतह, पानी या दलदल हो तो गिरने का दबाव काफी हद तक कम हो जाता है. नन्हें मियां के साथ भी यही हुआ.

मक्का की फसल और कीचड़ ने कम कर दिया झटका

जिस खेत में नन्हे मियां गिरे वहां मकई की फसल खड़ी थी. ऊंची फसल और नीचे कीचड़ होने की वजह से उनके शरीर को सीधा जोरदार झटका नहीं लगा. खेत में पानी भरा होने से गिरने की रफ्तार भी कुछ कम हो गई. इसी कारण उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें आने के बावजूद जानलेवा नुकसान नहीं हुआ.

हालांकि हादसे में उनका एक हाथ और एक पैर टूट गया. हाथ में रॉड डालनी पड़ी है. पूरे शरीर में चोटें आई हैं और अभी उनका इलाज चल रहा है. गांव वालों का कहना है कि उन्होंने पहली बार किसी को तूफान में इस तरह उड़ते देखा है. हादसे के बाद गांव का एक व्यक्ति सबसे पहले मौके पर पहुंचा. उसने नन्हे मियां को खेत में गिरा देखा तो तुरंत लोगों को बुलाया. गांव वाले उन्हें कांधे पर उठाकर सड़क तक लाए. हादसे में उनके कपड़े भी फट गए थे. बाद में गांव वालों ने उन्हें दूसरे कपड़े पहनाए और साइकिल से देवचरा अस्पताल पहुंचाया.

Leave a Reply