
तेहरान: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर बात किए बिना इस वैश्विक ऊर्जा सप्लाई लाइन की नाकाबंदी खत्म करने का प्रस्ताव दे रहा है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब ईरानी विदेश मंत्री रूस के दौरे पर हैं। उन्होंने इस दौरे को इजरायल और अमेरिका के खिलाफ चल रहे युद्ध के संबंध में रूस के साथ परामर्श करने का अवसर बताया है। ईरान और रूस के अधिकारियों ने अपनी पहचान गुप्त रहने की शर्त पर बताया है कि तेहरान अपने प्रस्ताव के हिस्से के तौर पर यह भी चाहता है कि अमेरिका उसके देश पर लगी नाकाबंदी को खत्म करे।
ईरान ने अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा
हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को भेजे गए इस प्रस्ताव को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शायद ही मंजूर करें। ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और संघर्ष-विराम को स्थायी बनाने के लिए की जाने वाली एक समग्र डील के हिस्से के तौर पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना चाहते हैं। ट्रंप ने रविवार को फॉक्स न्यूज़ चैनल से कहा, “हमारे पास सारे पत्ते (ताकत) हैं। अगर वे बात करना चाहते हैं, तो वे हमारे पास आ सकते हैं, या वे हमें फोन कर सकते हैं।”
ईरान क्यों चाहता है कि नाकाबंदी खत्म हो जाए?
अमेरिका ने ईरान की पूर्ण नौसैनिक नाकाबंदी लगाई है। ऐसे में ईरान की अर्थव्यवस्था अधिकतम अगस्त 2026 तक इस दबाव को झेल सकती है। अगर इसके बाद भी नाकाबंदी जारी रहती है तो ईरान की अर्थव्यवस्था के ढहने की आशंका बढ़ जाएगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि यह समय-सीमा ईरान के पास “समुद्र में तैरते” (जहाज़ों में भरे) मौजूदा तेल भंडार और नाकाबंदी के बावजूद राजस्व के वैकल्पिक स्रोत बनाए रखने की उसकी क्षमता पर आधारित है।
अमेरिका के सामने ईरान मजबूर क्यों है?
दरअसल, अमेरिकी नाकाबंदी के कारण 13 से 20 दिनों में ईरान की जमीन पर मौजूद तेल भंडारण क्षमता पूरी तरह से भर जाएगी। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। एक बार यह सीमा पूरी हो जाने पर, ईरान को अपने पुराने तेल के कुओं को बंद करना पड़ेगा। इससे तेल के कुओं में स्थायी भूवैज्ञानिक क्षति हो सकती है, जिसे “वॉटर कोनिंग” (water coning) के नाम से जाना जाता है।
अमेरिकी नाकाबंदी लगने से 3 से 4 महीने तक ईरान की अर्थव्यवस्था खुद को बचाए रख सकती है, इसका प्रमुख कारण समुद्र में जहाजों पर मौजूद ईरानी तेल है। अनुमान है कि वर्तमान में 160-183 मिलियन बैरल ईरानी तेल समुद्र में मौजूद है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था को कुछ दिनों तक राहत मिल सकती है।
अगर अमेरिकी नाकाबंदी अगस्त 2026 तक जारी रहती है, तो ईरान का मौजूदा वित्तीय और लॉजिस्टिक स्टॉक पूरी तरह खत्म हो सकता है। इससे ईरान की अर्थव्यवस्था ढह जाएगी और देश को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।





