
Priyanka Gandhi on Women Reservation Bill: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर अपनी बातों को रखा. उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण बिल का कांग्रेस पूरी तरीके से समर्थन करती है, लेकिन परिसीमन केवल नई जनगणान के आधार पर होना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस बिल की आड़ में राजनीति कर रही है. प्रियंका गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल सबसे पहले कांग्रेस ही लेकर आई थी.
दरअसल, संसद विशेष सत्र के दौरान लोकसभा में आज महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर चर्चा चल रही है. इसी चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि यह बिल आरक्षण से संबंधित है ही नहीं, बल्कि यह परिसीमन से जुड़ा है. उन्होंने सरकार से पूछा कि 543 सीटों में ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण क्यों नहीं लागू किया जा सकता है.
प्रियंका ने कहा- बिल से आ रही राजनीति की बू
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि इस बिल का प्रारूप देखने के बाद पता चलता है कि संसद में महिला आरक्षण 2029 तक लागू करना चाहिए, इसको लागू करने के लिए सीटों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ाई जानी चाहिए. इसके लिए परिसीमन आयोग बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि ऊपर-उपर से इस ड्राफ्ट में कोई समस्या नहीं है, लेकिन असल में बात परिसीमन की है और यह पूरी तरीके से प्रतिनिधित्व का मुद्दा है. इस बिल से राजनीति की बू आ रही है.
बहकाने वालों को महिलाएं पहचानती हैं: प्रियंका
पीएम मोदी के क्रेडिट वाले बयान पर पलटवार करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस को इस बिल का क्रेडिट नहीं चाहिए और बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को भी महिलाएं पहचान लेती हैं. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि सावधान हो जाइए, वरना पकड़े जाएंगे. आगे कहा कि साल 2023 में मोदी सरकार ने जब यह बिल पास किया, तो हमने समर्थन किया. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। आज भी इसमें कोई शक नहीं है. कांग्रेस इस बिल का पुरजोर समर्थन करती है, लेकिन परिसीमन पर हम साथ नहीं देंगे.
प्रियंका गांधी ने इतिहास पर डाला प्रकाश
लोकसभा में बोलते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि पंचायतों और नगर पालिकाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान सबसे पहले इस सदन में स्वर्गीय राजीव गांधी के नेतृत्व वाली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सरकार द्वारा पेश किया गया था. उन्होंने कहा कि मैं इस विषय पर थोड़ी पृष्ठभूमि बताना चाहूंगी, क्योंकि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में इस बारे में बहुत कुछ कहा कि इसे किसने रोका, इसे कैसे रोका गया और इस फैसले को 30 साल तक कैसे लटकाए रखा गया. सत्ताधारी पार्टी में मेरे सहयोगियों को शायद यह पसंद न आए, लेकिन ऐतिहासिक पृष्ठभूमि यह है कि इसकी शुरुआत भी नेहरू नाम के एक व्यक्ति ने ही की थी.
अमित शाह पर प्रियंका गांधी ने कसा तंज
अपने संबोधन के दौरान प्रियंका गांधी ने केंद्री गृहमंत्री अमित शाह पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि शाह जी हंस रहे हैं, पूरी प्लानिंग पहले ही बना रखी है आज चाणक्य जिंदा होते, तो भी चौंक जाते. प्रियंका गांधी ने कहा कि अचानक चुनावों के बीत सदन की बैठक बुलाओ. बिल का प्रारूप चर्चा के एक दिन सार्वजनिक किया गया.





