World Thalassemia Day: थकान-कमजोरी को न करें इग्नोर, ये थैलेसीमिया हो सकता है; जानें लक्षण और प्रकार​

World Thalassemia Day: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर छोटीमोटी थकान को नजरअंदाज कर देते हैं। कभी लगता है कि काम का बोझ ज्यादा है तो कभी नींद पूरी न होने को इसका कारण मान लेते हैं। लेकिन शरीर में लगातार बनी रहने वाली यह कमजोरी किसी गंभीर बीमारी की दस्तक भी हो सकती है।

World Thalassemia Day: थकान-कमजोरी को न करें इग्नोर, ये थैलेसीमिया हो सकता है; जानें लक्षण और प्रकार​

हर साल 8 मई को पूरी दुनिया में विश्व थैलेसीमिया दिवस मनाया जाता है। इस दिन का मकसद सिर्फ एक बीमारी के बारे में बताना नहीं है बल्कि उन लोगों के संघर्ष को सलाम करना है जो हर दिन इस चुनौती से लड़ रहे हैं। नेशनल हेल्थ मिशन के आंकड़े बताते हैं कि यह एक ऐसा आनुवंशिक विकार है जो इंसान के शरीर में हीमोग्लोबिन बनने की प्रक्रिया को बाधित कर देता है।

थकान और कमजोरी को मामूली समझने की भूल न करें

जब शरीर में पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बनता तो ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है। इसका सीधा असर हमारी ऊर्जा पर पड़ता है और हम बिना कुछ किए भी थका हुआ महसूस करने लगते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपको बारबार थकान होती है और त्वचा पीली पड़ रही है तो यह खतरे की घंटी हो सकती है।
भूख न लगना और बारबार बीमार पड़ना भी थैलेसीमिया के प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इन संकेतों को वक्त रहते पहचानना बहुत जरूरी है क्योंकि देरी करने से शरीर में खून की भारी कमी हो सकती है। सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेना और जांच कराना ही बचाव की पहली सीढ़ी है।

क्या हैं माइनर और मेजर थैलेसीमिया?

थैलेसीमिया को समझने के लिए इसके दो रूपों को जानना बहुत जरूरी है। पहला है थैलेसीमिया माइनर जिसमें व्यक्ति इस बीमारी का वाहक तो होता है लेकिन वह एक सामान्य जीवन जी सकता है। अक्सर इसके लक्षण इतने हल्के होते हैं कि इंसान को पूरी उम्र पता भी नहीं चलता कि वह इसका शिकार है।

वहीं दूसरी ओर थैलेसीमिया मेजर एक बहुत ही गंभीर स्थिति मानी जाती है। इसमें मरीज का शरीर खुद से पर्याप्त खून बनाने में सक्षम नहीं होता और उसे जीवित रहने के लिए बारबार बाहर से ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती है। यह प्रक्रिया मरीज और उसके परिवार के लिए एक बड़ा मानसिक और शारीरिक संघर्ष बन जाती है।

शादी से पहले एक जांच बचा सकती है जिंदगी

इस बीमारी का सबसे अहम पहलू यह है कि यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाती है। इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ हमेशा यह सलाह देते हैं कि शादी से पहले युवाओं को की जांच जरूर करानी चाहिए। अगर शादी करने वाले दोनों पार्टनर थैलेसीमिया माइनर के वाहक हैं तो उनके होने वाले बच्चे को थैलेसीमिया मेजर होने का जोखिम बहुत बढ़ जाता है।

एक छोटी सी खून की जांच भविष्य में आने वाली एक बड़ी मुसीबत को टालने में सक्षम है। यह सिर्फ एक मेडिकल टेस्ट नहीं है बल्कि आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ जीवन देने का वादा है। समाज में इस तरह की जागरूकता फैलाना आज के समय की सबसे बड़ी मांग है।

रक्तदान की एक यूनिट किसी के लिए जीवनदान है

थैलेसीमिया मेजर से जूझ रहे बच्चों और युवाओं के लिए खून की हर बूंद कीमती होती है। उन्हें नियमित अंतराल पर नए खून की जरूरत होती है ताकि उनका शरीर सही तरीके से काम कर सके। ऐसे में स्वैच्छिक की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। हमारे द्वारा दिया गया एक यूनिट रक्त किसी मासूम की जिंदगी की डोर को मजबूत कर सकता है।

हालांकि थैलेसीमिया को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता लेकिन बेहतर देखभाल और नियमित उपचार से मरीज एक सुखद जीवन बिता सकते हैं। इस दिवस पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम इस बीमारी के प्रति खुद भी जागरूक होंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।

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