पाकिस्तान की टेस्ट टीम के नए मुख्य कोच सरफराज अहमद ने बुधवार को कहा कि एक सफल कोच बनने के लिए खिलाड़ियों के साथ आपसी भरोसा और स्पष्ट संवाद बहुत जरूरी है।
चैंपियन्स ट्रॉफी 2017 जीतने वाले कप्तान सरफराज की पहली श्रृंखला आठ मई से बांग्लादेश में होने वाली दो टेस्ट मैच की श्रृंखला होगी। यह आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में पाकिस्तान की दूसरी श्रृंखला है।

कोच के तौर पर अपने कम अनुभव के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरफराज ने कहा, ‘‘तकनीकी बातें बाद में आती हैं। जरूरी यह है कि एक कोच का अपने खिलाड़ियों के साथ ऐसा रिश्ता हो कि वे समझ सकें कि वह क्या चाहता है और साथ ही वे इतने सहज हों और उस पर इतना भरोसा करते हों कि उसके साथ बैठकर किसी भी चीज पर बात कर सकें।’’
बांग्लादेश दौरे के लिए टेस्ट टीम में चुने गए अधिकतर खिलाड़ी अभी पाकिस्तान सुपर लीग के आखिरी चरण में खेलने में व्यस्त हैं। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इस पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने माना कि एक महीने से अधिक समय तक टी20 क्रिकेट खेलने के बाद लाल गेंद के क्रिकेट में ढलना सीनियर खिलाड़ियों के लिए भी एक चुनौती होगी।
सरफराज को यह भी लगता है कि टेस्ट टीम के कुछ खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनकी कप्तानी करने का अनुभव उन्हें अपनी नई नौकरी में जमने में मददगार साबित होगा।
पिछले साल इस पूर्व कप्तान को पाकिस्तान अंडर19 और शाहीन टीम का मार्गदर्शक और मैनेजर बनाया गया था।
वह एशिया कप और विश्व युवा कप के लिए उनके साथ गए थे लेकिन स्वदेश लौटने पर उन्हें राष्ट्रीय चयन समिति का सदस्य और बाद में टेस्ट प्रारूप में मुख्य कोच नियुक्त किया गया।
सरफराज ने कहा, ‘‘मेरा क्रिकेट करियर बहुत अच्छा रहा है और मैं एक कोच के तौर पर भी वैसी ही सफलता दोहराना चाहता हूं। मैंने घरेलू स्तर पर और क्रिकेट अकादमी में कोचिंग का कुछ अनुभव हासिल किया है लेकिन जाहिर है कि टेस्ट क्रिकेट बहुत अलग होता है। मुझे पूरा भरोसा है कि समय के साथ यह अनुभव मेरे बहुत काम आएगा।





