अपना खुद का घर होना हर किसी का सपना होता है, और खासकर छोटे शहरों व कस्बों में इस सपने को पूरा करने के लिए पूंजी जुटाना एक बड़ी चुनौती है. ऐसे में जो हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां आम आदमी की इस जरूरत को समझते हुए उन्हें लोन दे रही हैं, उनका कारोबार तेजी से विस्तार ले रहा है. ऐसी ही एक कंपनी है इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉरपोरेशन , जिसने हाल ही में अपनी मार्च तिमाही के नतीजे पेश किए हैं.

कंपनी का प्रदर्शन न सिर्फ वित्तीय मोर्चे पर मजबूत रहा है, बल्कि इसने अपने शेयरधारकों को एक शानदार डिविडेंड का तोहफा भी दिया है. अगर आप शेयर बाजार के निवेशक हैं या हाउसिंग सेक्टर की कंपनियों में दिलचस्पी रखते हैं, तो इंडिया शेल्टर की यह ग्रोथ स्टोरी आपके लिए काफी मायने रखती है.
मुनाफे की जोरदार छलांग, पार हुआ 500 करोड़ का आंकड़ा
इंडिया शेल्टर ने मार्च में खत्म हुई तिमाही में शानदार कमाई की है. कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 27 फीसदी बढ़ गया है. बीते साल जहां कंपनी ने मार्च तिमाही में 108 करोड़ रुपये कमाए थे, वहीं इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 138 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है.
पूरे वित्तीय वर्ष की बात करें तो कंपनी की तरक्की की तस्वीर और भी साफ नजर आती है. पूरे साल में मुनाफे ने 33 फीसदी की लंबी छलांग लगाई है और यह 503 करोड़ रुपये के पार निकल गया है. मुनाफे के साथसाथ कंपनी की अंदरूनी सेहत भी मजबूत हुई है. रिटर्न ऑन एसेट्स 5.9 फीसदी और रिटर्न ऑन इक्विटी 17.6 फीसदी दर्ज किया गया है.
छोटे शहरों पर फोकस से मिला 11 हजार करोड़ का मुकाम
यह कंपनी मुख्य रूप से उन जगहों पर काम करती है, जहां बड़े कमर्शियल बैंकों की पहुंच सीमित होती है. छोटे शहरों और अर्धशहरी इलाकों में मध्यम और कम आय वाले लोगों को नया घर बनाने या पुराने घर की मरम्मत के लिए लोन देना इस कंपनी का मुख्य फोकस है. इसी जमीनी रणनीति का असर है कि कंपनी का ग्रॉस एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 29 फीसदी उछलकर 11,044 करोड़ रुपये के भारीभरकम स्तर पर पहुंच गया है.
बाजार में होम लोन की मांग अच्छी है और इस मांग को भुनाने के लिए कंपनी अपना दायरा भी लगातार बढ़ा रही है. सिर्फ इसी तिमाही में 6 नई शाखाएं खोली गई हैं. पूरे साल का आंकड़ा देखें तो 41 नई शाखाओं के जरिए कारोबार का विस्तार किया गया है. इन नई शाखाओं के साथ कंपनी के कर्मचारियों की कुल संख्या भी 4,800 तक पहुंच चुकी है.
निवेशकों के लिए ₹10 का तोहफा
इस बेहतरीन कमाई का सीधा फायदा शेयरधारकों की जेब तक पहुंचने वाला है. कंपनी के बोर्ड ने प्रति शेयर 10 रुपये के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है. यह रकम फेस वैल्यू का सीधा 200 फीसदी बैठती है. हालांकि, यह रकम निवेशकों के बैंक खाते में तब आएगी, जब आगामी वार्षिक आम बैठक में इस प्रस्ताव पर शेयरधारकों की अंतिम मुहर लग जाएगी.
इंडिया शेल्टर फाइनेंस के प्रबंध निदेशक और सीईओ रूपिंदर सिंह ने इन नतीजों पर संतोष जताते हुए कहा कि यह साल प्रदर्शन के लिहाज से काफी मजबूत रहा है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शानदार बिजनेस ग्रोथ, लगातार बेहतर होती एसेट क्वालिटी और मजबूत ऑपरेटिंग लीवरेज की बदौलत ही कंपनी यह मुकाम हासिल कर पाई है.
हालांकि, 30 अप्रैल को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी का शेयर हल्की गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहा था. यह शेयर 1.09 फीसदी टूटकर 811.10 रुपये के स्तर पर बंद हुआ.





