कैबिनेट के बड़े फैसले: कपास मिशन से रेलवे और चिप सेक्टर को बूस्ट

केंद्रीय कैबिनेट ने कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए कपास कांति मिशन को मंजूरी दे दी है. इस मिशन पर ₹5,659 करोड़ खर्च किए जाएंगे और इसे 202627 से 203031 तक लागू किया जाएगा. भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक है और देश में करीब 32 लाख किसान इससे जुड़े हैं. सरकार का लक्ष्य रिसर्च, नई तकनीक और नए फाइबर के जरिए उत्पादन बढ़ाना है, ताकि 203031 तक बढ़ती घरेलू मांग को पूरा किया जा सके.

कैबिनेट के बड़े फैसले: कपास मिशन से रेलवे और चिप सेक्टर को बूस्ट

गन्ना किसानों के लिए बड़ा फैसला

कैबिनेट ने 202627 सीजन के लिए गन्ने का FRP तय किया है, जिसका कुल असर करीब ₹1 लाख करोड़ का बताया जा रहा है. इससे देशभर के गन्ना किसानों को सीधा फायदा मिलेगा.

MSME सेक्टर को राहत

सरकार ने Emergency Credit Line Guarantee Scheme 5 को आगे बढ़ाने का फैसला किया है. इस पर ₹18,100 करोड़ खर्च होंगे. इसका मकसद छोटे और मध्यम उद्योगों को सस्ती और आसान लोन सुविधा देकर कारोबार को मजबूत करना है.

इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश

कैबिनेट ने गुजरात के वडिनार में ₹1,570 करोड़ की लागत से जहाज मरम्मत सुविधा को मंजूरी दी है. इससे समुद्री कारोबार और रोजगार के मौके बढ़ेंगे. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। रेलवे सेक्टर में भी बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिली है.

  • नागदामथुरा लाइन
  • गुंटकलवाड़ी लाइन
  • बुरहवालसीतापुर लाइन

इन लाइनों पर तीसरी और चौथी ट्रैक बिछाने से ट्रैफिक कम होगा और ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी.

सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा

देश में चिप मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए दो नई यूनिट्स को मंजूरी दी गई है. क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड , सूची सेमीकॉन प्रा. लि. और इससे भारत की टेक्नोलॉजी आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगीण्

न्याय व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट को और मजबूत करने के लिए भी नीति स्तर पर अहम फैसला लिया है, जिससे न्याय प्रक्रिया को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. कुल मिलाकर इन फैसलों से साफ है कि सरकार खेती, उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी चारों मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है. खासकर कपास क्रांति मिशन जैसे कदम से किसानों की आमदनी बढ़ाने और टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूत करने पर जोर दिया गया है.

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