रॉकेट बना Vodafone Idea का शेयर! केएम बिड़ला के इस बड़े ऐलान से गदगद हुए लाखों निवेशक​

13 मई को वोडाफोन आइडिया के शेयरों में अचानक एक शानदार उछाल देखने को मिला. सुबह जो शेयर 12.17 रुपये के भाव पर खुला था, वह कुछ ही घंटों में देखते ही देखते सात फीसदी की तेज छलांग लगाकर 12.72 रुपये तक पहुंच गया. वहीं बाजार बंद होते समय इसके शेयर का भाव 7.32% की तेजी के साथ 12.76 पहुंच गया.

रॉकेट बना Vodafone Idea का शेयर! केएम बिड़ला के इस बड़े ऐलान से गदगद हुए लाखों निवेशक​

क्यों अचानक आई शेयरों में इतनी बड़ी तेजी?

शेयर बाजार में किसी भी स्टॉक का रॉकेट बनना बिना किसी ठोस वजह के मुमकिन नहीं होता है. वोडाफोन आइडिया के मामले में यह वजह है ताजा पूंजी का आना. जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक, कंपनी के नॉनएग्जिक्यूटिव चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला खुद इस कंपनी में नया फंड निवेश करने वाले हैं. जैसे ही यह जानकारी मार्केट में फैली, उन तमाम रिटेल निवेशकों ने एक बड़ी राहत की सांस ली जो निचले स्तरों पर पैसा लगाकर लंबे समय से फंसे हुए थे. अगर हम बीते एक महीने के आंकड़ों पर नजर डालें, तो यह शेयर पहले ही 38 प्रतिशत तक की मजबूत बढ़त दर्ज कर चुका है.

टेलीकॉम कंपनी को क्यों है पैसों की सख्त जरूरत?

बाजार में अपने प्रतिद्वंद्वियों के सामने टिके रहने के लिए वोडाफोन आइडिया को इस वक्त बड़े निवेश की दरकार है. अपने रोजमर्रा के ऑपरेशंस को बिना रुके चलाने, पुरानी तकनीक को अपग्रेड करने तथा नए आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए एक भारीभरकम बजट चाहिए. फंड जुटाने के लिए यह टेलीकॉम कंपनी पहले से ही भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक बड़े कंसोर्शियम से लगातार बातचीत कर रही है. हालांकि, कर्ज देने से पहले इन बैंकों ने कंपनी के सामने कुछ सख्त शर्तें रखी हैं. ऐसे नाजुक समय में प्रमोटर का खुद आगे आकर निवेश करने का फैसला कंपनी के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है.

बिड़ला की वापसी से बदल रही है पूरी तस्वीर

टेलीकॉम कंपनियों को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू के भारी बकाया मामले में हाल ही में एक बड़ी राहत मिली है. इसके ठीक बाद कंपनी के भीतर एक बड़ा बदलाव भी देखने को मिला. पिछले ही हफ्ते मैनेजमेंट ने रवींदर टक्कर की जगह कुमार मंगलम बिड़ला को फिर से नॉनएग्जिक्यूटिव चेयरमैन की जिम्मेदारी सौंपी है. बिड़ला की इस वापसी से न सिर्फ कंपनी के भीतर काम करने वालों का आत्मविश्वास लौटा है, बल्कि कर्जदाताओं का नजरिया भी सकारात्मक हुआ है. एजीआर मामले में मिली इस ढील के बाद, अब बैंक भी इस टेलीकॉम दिग्गज को लोन देने में अपनी गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

16 मई की बैठक तय करेगी कंपनी का भविष्य

अब बाजार के हर निवेशक की निगाहें आने वाली 16 तारीख पर टिक गई हैं. वोडाफोन आइडिया ने शेयर बाजारों को आधिकारिक रूप से सूचित किया है कि 16 मई को कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की एक बहुत ही अहम बैठक होने जा रही है. इस मीटिंग का मुख्य एजेंडा नई पूंजी जुटाने के प्रस्ताव पर चर्चा करना है. बोर्ड के सदस्य इस बात पर मंथन करेंगे कि यह फंड इक्विटी शेयर, वारंट या फिर प्रिफरेंशियल आधार पर कैसे लाया जाए. जानकारों का स्पष्ट रूप से मानना है कि प्रमोटर द्वारा पूंजी डाले जाने से न सिर्फ कर्ज देने वाले बैंकों का भरोसा मजबूत होगा, बल्कि निवेशकों का विश्वास भी कंपनी पर दोबारा कायम हो सकेगा.

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