​​​​हाथरस में एक गाय लगातार पाँच दिनों से गोल-गोल घूम रही है – क्या यह चमत्कार है या कोई बीमारी? बिजनौर के ‘भैरव बाबा’ कुत्ते से इसकी क्या समानता है?​​​​​

Featured Image

उत्तर प्रदेश में इन दिनों जानवरों से जुड़े दो वीडियो सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में हैं. पहले बिजनौर का एक कुत्ता सुर्खियों में आया, जो घंटों तक हनुमान मंदिर की परिक्रमा करता दिखाई दिया. इसके बाद श्रीवस्ती जिले का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक गाय लगातार कई दिनों से खेत के चारों ओर चक्कर लगाती नजर आ रही है. दोनों घटनाओं में एक समानता यह है कि कई लोगों ने इन्हें चमत्कार और दैवीय शक्ति से जोड़ दिया, जबकि पशु विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे चिकित्सकीय कारण भी हो सकते हैं.

बिजनौर के नगीना क्षेत्र के नंदपुर खुर्द गांव में स्थित एक प्राचीन मंदिर में एक आवारा कुत्ता लगातार हनुमान जी और दुर्गा माता की मूर्तियों की परिक्रमा करता दिखाई दिया था. देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. गांव के लोगों ने कुत्ते को ‘भैरव बाबा’ का रूप मानना शुरू कर दिया. मंदिर में भीड़ जुटने लगी और लोग उसे प्रसाद, बताशे और हलवा खिलाने लगे थे. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। लेकिन बाद में मामला कुछ और निकला.

बिजनौर वाले कुत्ते को क्या थी बीमारी?

कुत्ते की हालत लगातार बिगड़ने लगी, जिसके बाद एनजीओ और पशु चिकित्सकों की टीम ने उसे रेस्क्यू किया. जांच में पता चला कि वह किसी चमत्कार की वजह से नहीं, बल्कि एक गंभीर बीमारी से पीड़ित था. डॉक्टरों के अनुसार उसे ‘एनाप्लाज्मा’ नाम की टिक-जनित बीमारी थी, जिसने उसके तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर दिया था. इसी कारण वह लगातार गोल-गोल घूम रहा था. इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ और वह सामान्य व्यवहार करने लगा.

श्रीवस्ती में गाय क्यों बार-बार लगा रही खेत का चक्कर?

अब ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिला के ग्राम बसभरिया पुरैना से सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक गाय लगातार कई दिनों से खेत के चारों ओर चक्कर लगाती दिखाई दे रही है. कुछ लोग इसे भगवान का चमत्कार बता रहे हैं तो कुछ इसे बीमारी मान रहे हैं. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि वहां के लोग गाय को चुनरी से पहना दिया है और चंदन का टिका भी लगा दिया है जिसके बाद मामला और भी तेजी से चर्चा वायरल हो रहा है.

क्या गाय को भी हो सकती है ये बीमारी?

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल वीडियो देखकर किसी जानवर की बीमारी तय नहीं की जा सकती. हालांकि पशुओं में कई ऐसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियां होती हैं, जिनके कारण वे लगातार गोल-गोल घूमने लगते हैं, संतुलन खो देते हैं और सामान्य गतिविधियां बंद कर देते हैं.

ऐसी ही एक बीमारी लिस्टेरियोसिस (Listeriosis) है, जो ‘लिस्टेरिया मोनोसाइटोजेन्स’ नामक बैक्टीरिया से होती है. यह आमतौर पर खराब या संक्रमित चारा खाने से फैलती है. इस बीमारी के लक्षणों में सिर झुकाना, लगातार चक्कर लगाना, खाना-पीना छोड़ देना और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं शामिल हो सकती हैं.

हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि हाथरस की गाय को लिस्टेरियोसिस ही है, ऐसा दावा बिना चिकित्सकीय जांच के नहीं किया जा सकता. इसके पीछे कोई दूसरी बीमारी या न्यूरोलॉजिकल समस्या भी हो सकती है. इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पशु चिकित्सक द्वारा जांच जरूरी है.

पशु चिकित्सकों का मानना है कि ऐसी स्थितियों में पूजा-पाठ, चमत्कार या अंधविश्वास की बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए. कई पशु रोग समय पर इलाज मिलने पर पूरी तरह ठीक हो सकते हैं. बिजनौर के कुत्ते का मामला इसका उदाहरण है, जहां लोगों ने पहले उसे चमत्कार माना, लेकिन बाद में पता चला कि वह एक बीमारी से जूझ रहा था.

(डिसक्लेमर- इन किसी वायरल दावे की पुष्टि स्टेट मिरर हिंदी नहीं करता है यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर खबर लिखी गई है.)

Leave a Reply