भारत को नर्क बताने वाले ट्रंप कभी इंडिया आकर देखो फिर बोलना ट्रंप पर यह डिप्लोमेटिक सर्किज्म ईरान ने किया है। ट्रंप ने सोचा था कि उन्होंने एक बयान देकर बहस छेड़ दी है। लेकिन ईरान ने वाइल्ड कार्ड एंट्री लेकर पूरा गेम ही पलट दिया। ऐसा मालूम दे रहा है कि दुनिया की कूटनीति में कोई हाई वोल्टेज रियलिटी शो चल रहा हो जिसका टाइटल है हेलहोल्ड डिप्लोमेसी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत चीन को नर्क बताने वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर किया। भारत ने पहले तो संयम दिखाया। चीन ने दूरी बनाए रखी और तभी ईरान ने मंच पर आते ही ऐसा जवाब दिया कि पूरा नैरेटिव पलट गया। यह सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं थी बल्कि नहले पर दहला था। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इस विवाद में भारत के समर्थन में सबसे तीखी प्रतिक्रिया जो आई है वो ईरान से आई है। वही ईरान जिसके साथ अमेरिका के रिश्ते वैसे ही हैं जैसे कढ़ाई में उबलती चाय है। भारत विरोधी बयान देखकर अब ट्रंप भी मियार रहे हैं।
23 अप्रैल को ट्रंप की एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। यह पोस्ट अमेरिकी रेडियो होस्ट माइकल सेवेज के कार्यक्रम से जुड़ा था। विषय था अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता यानी बर्थ राइट सिटीजनशिप। इसमें कहा गया था कि यहां एक बच्चा यानी अमेरिका में एक बच्चा तुरंत नागरिक बन जाता है। फिर वे पूरे परिवार को चीन या भारत जैसे नर्क जैसे देश से नर्क जैसे देश से ले आते हैं। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। पोस्ट में भारतीय और चीनी इमीग्रेंट्स को लैपटॉप वाले गैंगस्टर तक कहा गया। यहां तक कि यह भी आरोप लगाए गए कि यह लोग टेक इंडस्ट्री में अमेरिकियों की नौकरियां खाए ले रहे हैं। यानी अमेरिका की घरेलू बहस में भारत और चीन को यूं घसीटा गया जैसे घर की अंदरूनी बहस का ठीकरा पड़ोसी के सिर फोड़ दिया जाए। इसके बाद कहानी में एंट्री होती है ईरान की। ईरान ने सिर्फ भारत और चीन का बचाव ही नहीं किया बल्कि ट्रंप पर सीधा और बेहद तीखा हमला बोला। हैदराबाद स्थित ईरानी रूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा भारत और चीन सभ्यता की जन्मस्थली है।
ईरान ने साफ कर दिया कि भारत और चीन को अपमानित करना सिर्फ कूटनीति का सभ्यता नहीं बल्कि ऐतिहासिक अज्ञानता भी है। आखिर भारत और चीन वो सभ्यताएं हैं जिन्होंने दुनिया को दर्शन योग, आयुर्वेद और ना जाने क्या-क्या दिया है। इन्हें हेल होल कहना ठीक वैसा ही है जैसे ताजमहल को बस एक पुरानी बिल्डिंग बोल देना। इन सबके बाद अमेरिका बैकफुट पर भी आता दिखा। अमेरिका दूता अमेरिकी दूतावास ने तुरंत सफाई जारी की। दूतावास के प्रवक्ता क्रिस्टोफर एलेम्स ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को महान देश करार दिया है और कहा है कि भारत एक महान देश है और वहां मेरे बहुत अच्छे दोस्त शीर्ष यानी टॉप पर हैं। यह बयान ट्रंप की पिछली पोस्ट से काफी अलग था। इससे यह साफ हुआ कि अमेरिका भारत जैसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार को खोना नहीं चाहता।





