Deadlift Safety Tips: डेडलिफ्ट के करते हुए रकुलप्रीत सिंह को हुई थी इंजरी, जानें इसे करते हुए किन बातों का रखें ध्यान​

Deadlift Safety Tips: फिटनेस के लिए एक्सरसाइज को काफी असरदार माना जाता है. लेकिन इसे करने में की गई एक भी गलती भारी पड़ सकती है. हाल ही में एक शो पर एक्ट्रेस रकुलप्रीत सिंह ने बताया कि 80 किलो डेडलिफ्ट करते हुए उनकी स्लिप डिस्क खिसक गई है, जिसकी वजह से उन्हें करीब 40 दिन तक बेड रेस्ट करना पड़ा था. इस दौरान न सिर्फ फिजिकिली बल्कि मेंटली भी उन्हें काफी तकलीफ हुई थी. ऐसे में एक्सपर्ट का मानना है कि डेडलिफ्ट करना आसान नहीं है.

Deadlift Safety Tips: डेडलिफ्ट के करते हुए रकुलप्रीत सिंह को हुई थी इंजरी, जानें इसे करते हुए किन बातों का रखें ध्यान​

एक्सपर्ट के मुताबिक डेडलिफ्ट करते समय सही पोस्चर, नियंत्रित मूवमेंट और अपनी क्षमता के अनुसार वजन चुनना बेहद जरूरी होता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। जल्दबाजी में भारी वजन उठाने या गलत तकनीक अपनाने से कमर, रीढ़ और मांसपेशियों पर एक्सट्रा दबाव पड़ सकता है. इस आर्टिकल में चलिए जानते हैं कि डेडलिफ्ट करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

डेडलिफ्ट कैसे की जाती है?

डेडलिफ्ट एक स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज है. इसे करने के लिए जमीन पर रखे डंबल को उठाकर शरीर को सीधा खड़ा किया जाता है. इस दौरान आपको अपने पैरों और कंधो की चौड़ाई जितना खोलकर खड़े होना है और डंबल को पैरों के करीब रखना है. इस दौरान काफी ज्यादा भारी वजन उठाना होता है. कमर और रीढ़ की हड्डी पर दबाव न पड़े. इसलिए इस दौरान सेफ्टी बेल्ट लगाना जरूरी होता है. कमर को सीधा रखते हुए घुटनों को मोड़ें और दोनों हाथों से बार को मजबूती से पकड़ें. इसके बाद एड़ियों पर दबाव डालते हुए पैरों और कूल्हों की ताकत से वजन को ऊपर उठाएं. इस दौरान शरीर पूरी तरह सीधा होना चाहिए. इसी पोजिशन में कुछ सेकंड रुकें और वजन को वापस रखें.

डेडलिफ्ट करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

सेफ्टी बेल्ट का इस्तेमाल करना इस एक्सरसाइज के दौरान सबसे जरूरी होता है. रकुलप्रीत ने बताया कि उन्होंने 80 किलो वजन उठाते समय सेफ्टी बेल्ट नहीं पहनी थी, जिसकी वजह से ही उन्हें इंजरी हुई थी. ऐसे में आपको भी कुछ बातों का खास ध्यान रखने की जरूरत है. जिसमें पहला है सेफ्टी बेल्ट का यूज. इसके अलावा डेडलिफ्ट करते समय सबसे जरूरी है कि आपकी रीढ़ की हड्डी न्यूट्रल पोजीशन में रहे और पीठ गोल न हो. शुरुआत में हल्के वजन से प्रैक्टिस करें और सही तकनीक सीखने के बाद ही वजन बढ़ाना चाहिए. एक्सरसाइज के दौरान कोर मसल्स को टाइट रखना जरूरी होता है. अचानक झटके से वजन उठाने से बचना चाहिए. अगर पहले से कमर, गर्दन या घुटनों से जुड़ी कोई समस्या है तो एक्सपर्ट की सलाह के बिना इस एक्सरसाइज को करने से बचें.

डेडलिफ्ट के क्या फायदे होते हैं?

पूरे शरीर की ताकत बढ़ाने वाली कंपाउंड एक्सरसाइज मानी जाती है. यह पीठ, कूल्हों, जांघों, हैमस्ट्रिंग, ग्लूट्स और कोर मसल्स को मजबूत बनाने में मदद करती है. नियमित रूप से सही तरीके से डेडलिफ्ट करने से बॉडी पोस्चर बेहतर हो सकता है, बैलेंस और स्टैमिना बढ़ सकता है. साथ ही रोजमर्रा के कामों में शरीर की कार्यक्षमता में सुधार आता है. इसके अलावा यह कैलोरी बर्न करने और मसल्स ग्रोथ में भी सहायक मानी जाती है.

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