वंदे भारत, राजधानी के चक्कर में लूप लाइन पर नहीं रोकी जाएंगी एक्सप्रेस ट्रेनें! रेलवे बदलने जा रहा पूरा सिस्टम​

भारतीय रेलवे में सफर करने वाले आम यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। अक्सर देखा जाता है कि जब भी ट्रैक पर वंदे भारत, राजधानी या शताब्दी जैसी वीआईपी ट्रेनें आती हैं, तो उनके पीछे चल रही आम एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों को लूप लाइन पर घंटों खड़ा कर दिया जाता है। इस ‘वीआईपी ट्रीटमेंट’ के चक्कर में आम जनता की ट्रेनें समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पातीं। लेकिन अब रेलवे इस भेदभाव को हमेशा के लिए खत्म करने जा रहा है। रेल मंत्रालय एक ऐसा हाईटेक सिस्टम ला रहा है, जिससे वीआईपी ट्रेनों को रास्ता देने के लिए आम ट्रेनों को रोकने का झंझट ही खत्म हो जाएगा।

वंदे भारत, राजधानी के चक्कर में लूप लाइन पर नहीं रोकी जाएंगी एक्सप्रेस ट्रेनें! रेलवे बदलने जा रहा पूरा सिस्टम​

क्या है रेलवे का नया प्लान?

रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अभी तक रेलवे का टाइम टेबल प्रायोरिटी पर चलता है, जिसमें प्रीमियम ट्रेनों को पहले रास्ता मिलता है। लेकिन नए प्रस्ताव के तहत अब ट्रेनों को उनकी रफ्तार के हिसाब से ग्रुप यानी कंबाइंड स्लॉट में चलाया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत पहला स्लॉट 130 से 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ने वाली प्रीमियम ट्रेनों को महज 5 से 10 मिनट के सुरक्षित अंतराल पर एक साथ एक ग्रुप में रवाना किया जाएगा। दूसरा स्लॉट में 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चलने वाली आम एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों को एक अलग स्लॉट में आगेपीछे चलाया जाएगा। चूंकि एक स्लॉट की सभी ट्रेनों की गति एक समान होगी, इसलिए किसी भी ट्रेन को दूसरी ट्रेन को ओवरटेक करने के लिए लूप लाइन पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

घंटों की देरी अब सिर्फ 10 मिनट में बदलेगी

इस सिस्टम के लागू होने से आम ट्रेनों की लेटलतीफी पर लगभग पूर्णविराम लग जाएगा। अभी जो एक्सप्रेस ट्रेनें वीआईपी ट्रेनों को पास देने के चक्कर में डेढ़ से तीन घंटे तक लेट हो जाती थीं, नए सिस्टम के बाद उनकी देरी घटकर मात्र 10 से 15 मिनट रह जाएगी। इस व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने के लिए रेलवे एक बिल्कुल नई समय सारिणी तैयार कर रहा है।

दिल्लीहावड़ा और दिल्लीमुंबई रूट पर दिखेगा बड़ा असर

इस नए सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा देश के दो सबसे व्यस्त रेल मार्गों दिल्लीहावड़ा मार्ग और दिल्लीमुंबई मार्ग को मिलेगा। दिल्लीहावड़ा रूट पर रोजाना 120 से ज्यादा ट्रेनें चलती हैं। नया सिस्टम लागू होने से इस सफर में लगने वाला समय ढाई घंटे तक घट जाएगा। वहीं, दिल्लीमुंबई रूट में ट्रेनों का कॉमन रनिंग टाइम सेट होने से ट्रैक की क्षमता बढ़ेगी, जिससे 24 घंटे के भीतर 8 अतिरिक्त ट्रेनों के लिए स्लॉट निकल आएंगे।

ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं।

Leave a Reply