
उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर अतीक अहमद तो अब दुनिया में नहीं है, लेकिन धुरंधर मूवी से लेकर राजनीतिक गलियारों में आज भी अतीक के आंतक के चर्चे होते हैं. अब एक बार फिर गैंगस्टर सुर्खियों में आ गया है. ये मामला अतीक की अरबों की प्रॉपर्टी से जुड़ा है जिसे अब राज्य सरकार एक संगीन जुर्म में जब्त करने जा रही है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि अतीक की तमाम भू-संपत्तियों में उमर इंटरनेशनल स्लॉटर हाउस भी शामिल है जहां से फिश फूड के नाम पर गोमांस की तस्करी की जाती है.
डीएम ने दिए संपत्ति जब्त के आदेश
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जालौन के डीएम राजेश कुमार पांडेय ने गिरोहबंद एंव समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम-1986 के तहत संपत्तियां जब्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं. धारा 14 के तहत उप-जिलाधिकारी को बिजनौर के धामपुर इलाके की संपत्तियों का रिसीवर नियुक्त किया गया है जो प्रशासनिक रिकॉर्ड के हिसाब से 1 अरब 68 करोड़ 13 लाख 32 हजार 600 रुपये की संपत्ति जब्त करेंगे.
अवैध गोमांस तस्करी विवाद के घेरे में
जिला प्रशासन के आधिकारिक रिकॉर्ड की मानें तो गैंगस्टर अतीक की जब्त होने वाली संपत्तियों में याकूबपुर गांव की गाटा संख्या- 46, 102, 40, 52, 54 और 47 पर बनी संपत्तियां जब्त की जाएंगी, जिसमें उमर इंटरनेशनल स्लॉटर हाउस शामिल है. इस स्लॉटर हाउस पर इसलिए भी गाज गिरी है क्योंकि अतीक की गैंस का लीडर गुलजार का गिरोह फर्जी दस्वावेजों की तर्ज पर स्लॉटर हाउस से गोमांस की तस्करी करता था. कागजों पर फिश फूड लेकिन यूपी के तमाम जिलों और देश के कई राज्यों में गोमांस की तस्करी की जाती थी.
कैसे हुआ खुलासा?
अतीक अहमद के नाम और संपत्ति में चल रहे काले कारनामों का खुलासा तब हुआ, जब सालों से बंद पड़े उमर इंटरनेशनल स्लॉटर हाउस को दोबारा चलाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग से NOC की मांग की गई. ऐसे में स्लॉटर हाउस की जांच की गई और सैंपल मथुरा की फॉरेंसिक लैब में भेजे गए. इस जांच से पता चला कि वाहन में जब्त सामग्री गोमांस है. इस मामले में गोकशी से संबंधित कानूनों में अतीक पर मुकदमे भी दर्ज हैं.
फिलहाल बिजनौर और जालौन प्रशासन की संयुक्त टीम गैंगस्टर अतीक अहमद की तमाम चल-अचल संपत्तियों को सील करने और फिर जब्त करने की तैयारी कर रही है.





