AIIMS रायबरेली में फर्जी नियुक्तियों का खेल, कम अनुभव वाले बने प्रोफेसर, OBC सीट पर जनरल को नौकरी

रायबरेली : उत्तर प्रदेश के AIIMS रायबरेली में 2 फैकल्टी पोस्ट की नियुक्तियों में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जनरल मेडिसिन के एक प्रोफेसर और डर्मेटोलॉजी के एक असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती को फर्जी बताया जा रहा है। आरोप है कि इन नियुक्तियों के लिए रिजर्वेशन नियमों की अनदेखी की गई। पोस्ट के लिए जरूरी अनुभव को भी नजरअंदाज किया गया
जनरल मेडिसिन में प्रोफेसर की पोस्ट के लिए डॉ. जलीश फातिमा और डॉ. मधुकर मित्तल ने अप्लाई किया था। इसके लिए संबंधित सब्जेक्ट में 14 साल पढ़ाने या रिसर्च का अनुभव मांगा गया था। उस समय डॉ. मित्तल का कुल अनुभव 12 साल 4 महीने था। इसमें जनरल मेडिसिन पढ़ाने का अनुभव सिर्फ 4 साल 3 महीने था।

16 दिसंबर, 2024 की प्रोविजनल लिस्ट में डॉ. जलीश फातिमा बिल्कुल सही थीं। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। जबकि, डॉ. मधुकर मित्तल NOC न होने के कारण प्रोविजनली एलिजिबल थीं। हालांकि, 24 दिसंबर, 2024 को जारी फाइनल लिस्ट में डॉ. मित्तल को चुन लिया गया। डॉ. फातिमा को वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया। डॉ. मधुकर मित्तल 5 साल का अनुभव पूरा करने से पहले 4 साल 3 महीने में केजीएमयू, लखनऊ में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर प्रमोट हो गए थे। इसके बाद मेडिकल कॉलेज की सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को भेजा गया।

स्टैंडिंग सिलेक्शन कमेटी के गठन में भी नियम तोड़े गए

केजीएमयू में तैनात मेडिकल टीचरों के रिकॉर्ड चेक किए गए तो एमसीआई ने कहा कि डॉ. मित्तल के प्रमोशन पर आपत्ति जताई गई है। नतीजतन केजीएमयू में मेडिकल सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। साथ ही डॉ. मित्तल का प्रमोशन भी रद्द कर दिया गया। इंटरव्यू कराने वाली स्टैंडिंग सिलेक्शन कमेटी के गठन में भी नियम तोड़े गए। कमेटी का चेयरमैन डॉ. पद्मा श्रीवास्तव को बनाया गया। उन्होंने 16 अक्टूबर 2023 को एम्स नई दिल्ली से वीआरएस ले लिया था। नियम के मुताबिक कमेटी का चेयरमैन संस्थान में काम करने वाला व्यक्ति होना चाहिए।

इसी तरह डर्मेटोलॉजी डिपार्टमेंट की भर्ती में भी धांधली हुई

डर्मेटोलॉजी डिपार्टमेंट की भर्ती में भी इसी तरह धांधली हुई। यहां असिस्टेंट प्रोफेसर का पद ओबीसी कैटेगरी के लिए रिजर्व कर दिया गया। 16 दिसंबर, 2024 की प्रोविजनल लिस्ट में डॉ. अंजलि अग्रवाल को ‘इनएलिजिबल’ घोषित किया गया था, क्योंकि वह जनरल कैटेगरी से थीं। इस लिस्ट में OBC कैंडिडेट डॉ. चिंगशुभम विकास सिंह टेम्पररी तौर पर एलिजिबल थे। 24 दिसंबर, 2024 की फाइनल लिस्ट में डॉ. अंजलि अग्रवाल को न सिर्फ एलिजिबल माना गया, बल्कि 28 जनवरी, 2025 को आए रिजल्ट में उन्हें रिजर्व सीट पर अपॉइंट भी कर दिया गया। डायरेक्टर ने कहा कि रिजर्व कैटेगरी में कैंडिडेट अवेलेबल नहीं थे।

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