हैदराबाद की स्पेस टेक स्टार्टअप Skyroot Aerospace अब भारत की पहली स्पेस टेक यूनिकॉर्न बन गई है. कंपनी को 60 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग मिली है, जिसके बाद इसकी वैल्यूएशन 1.1 अरब डॉलर पहुंच गई है. गूगल के शुरुआती निवेशक रहे अमेरिकी अरबपति राम श्रीराम इस फंडिंग राउंड को लीड कर रहे हैं. इस निवेश के जरिए कंपनी अपने Vikram1 रॉकेट लॉन्च और स्मॉल सैटेलाइट मार्केट में ग्लोबल एक्सपेंशन की तैयारी तेज करेगी.
ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। 60 मिलियन डॉलर की मिली फंडिंग, 1 अरब डॉलर हुई वैल्यूएशन" loading="lazy" />कंपनी के मौजूदा निवेशकों में सिंगापुर की GIC, Greenko Group के फाउंडर्स और Arkam Ventures ने भी इस राउंड में हिस्सा लिया है. वहीं, दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी BlackRock भी अब कंपनी के इक्विटी कैप टेबल में शामिल हो रही है. इसके अलावा सन फार्मा के प्रमोटर्स की फैमिली ऑफिस और Playbook Partners ने भी निवेश किया है. Skyroot Aerospace ने अब तक कुल 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा की फंडिंग जुटा ली है. इससे पहले 2023 में Temasek की अगुवाई में कंपनी ने 27.5 मिलियन डॉलर का प्रीसीरीज C राउंड उठाया था.
नए फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने लॉन्च व्हीकल प्रोग्राम को तेज करने में करेगी. खासतौर पर Vikram1 ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल के डेवलपमेंट, लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने, इंजीनियरिंग टीम विस्तार और टेक्नोलॉजी क्षमता मजबूत करने पर फोकस रहेगा. Skyroot Aerospace ने 2022 में VikramS रॉकेट लॉन्च कर इतिहास रचा था. यह भारत का पहला प्राइवेट सेक्टर रॉकेट था जिसे सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजा गया था. अब कंपनी Vikram1 लॉन्च की तैयारी में जुटी है, जिसे आने वाले कुछ हफ्तों में श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जा सकता है.
रॉकेट की हुई है टेस्टिंग पूरी
कंपनी के कोफाउंडर और CEO पवन कुमार चंदाना के मुताबिक, रॉकेट की सबसे अहम इंटीग्रेटेड टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और हार्डवेयर को सिस्टमैटिक तरीके से श्रीहरिकोटा भेजा जा रहा है. लॉन्च विंडो जून में खुल सकती है. हालांकि अंतिम तारीख रेगुलेटरी मंजूरी और व्हीकल रेडीनेस पर निर्भर करेगी.
करीब 15 मिनट की इस मिशन फ्लाइट में Vikram1 लोअर्थ ऑर्बिट में 400 किलोमीटर से ज्यादा ऊंचाई पर पेलोड पहुंचाएगा. इसमें भारत और विदेशों के ग्राहकों के Earth Observation Satellites और इनऑर्बिट एक्सपेरिमेंट मॉड्यूल शामिल होंगे. स्पेसएक्स और Rocket Lab जैसी ग्लोबल कंपनियों को चुनौती देने की तैयारी कर रही Skyroot अब स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च मार्केट में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाना चाहती है.





