इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार, एशियापैसिफिक क्षेत्र में एयर ट्रैफि की ग्रोथ में भारत एक अहम भूमिका निभा रहा है. इस क्षेत्र में हवाई यात्रियों की संख्या 2044 तक 4.1 अरब तक पहुंचने का अनुमान है. इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन 370 से ज्यादा एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करता है, जो दुनिया के कुल एयर ट्रैफि का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा हैं. IATA के अनुसार, एशियापैसिफिक में हवाई यात्रियों की संख्या 2024 में 1.7 अरब से बढ़कर 2044 तक 4.1 अरब होने का अनुमान है, यानी 2.4 अरब अतिरिक्त यात्री होंगे.

भारत निभा रहा अहम भूमिका
ब्राजील के एक शहर में हुई ब्रीफिंग में, एशियापैसिफिक के लिए ग्रुप के रीजनल वाइस प्रेसिडेंट शेल्डन ही ने शनिवार को कहा कि भारत पिछले कई सालों से एशियापैसिफिक की ग्रोथ स्टोरी में एक अहम भूमिका निभा रहा है. भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते घरेलू सिविल एविएशन मार्केट में से एक है. उन्होंने कहा कि पिछले 510 सालों में एशियापैसिफिक में ग्रोथ मजबूत रही है और अगले दशक या उससे ज़्यादा समय तक भी यह मज़बूत बनी रहेगी. उन्होंने इस क्षेत्र के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, टैक्स, जरूरत से ज्यादा रेगुलेशन और सस्टेनेबल ग्रोथ को चुनौतियों के तौर पर गिनाया.
एयरपोर्ट कैपेक्स होगा जबरदस्त
IATA के अनुसार, 2040 तक एयरपोर्ट कैपिटल एक्सपेंडिचर 2.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा होने का अनुमान है, और इस रकम का आधे से ज़्यादा हिस्सा एशियापैसिफिक में क्षमता की कमी और भीड़भाड़ की समस्या को दूर करने पर खर्च होने का अनुमान है. शेल्डन ही ने कहा कि अगले 20 सालों में, एशियापैसिफिक के कई एयरपोर्ट अपनी क्षमता बढ़ाकर 100 mppa से ज़्यादा कर लेंगे, जिनमें चांगी और दिल्ली शामिल हैं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एशियापैसिफिक में हवाई परिवहन GDP में लगभग 2.5 प्रतिशत और रोजगार में 2.2 प्रतिशत का योगदान देता है.
एविएशन सेक्टर बन रहा ग्रोथ इंजन
एक अनुमान के अनुसार, एविएशन में जोड़ी गई हर 1 अमेरिकी डॉलर की वैल्यू से दूसरे सेक्टर में 3.70 अमेरिकी डॉलर की वैल्यू पैदा होती है. 82वीं IATA एनुअल जनरल मीटिंग और वर्ल्ड एयर ट्रांसपोर्ट समिट इस शहर में 68 जून तक हो रही है. इस समिट में लगभग 1,500 इंडस्ट्री लीडर्स, सरकारी अधिकारियों और मीडिया के शामिल होने की उम्मीद है. दक्षिण अमेरिका में पिछली IATA AGM 1999 में रियो डी जनेरियो में हुई थी.





