यूपी के शामली जिले में एक युवक के कथित धर्मांतरण और जबरन निकाह कराने का मामला सामने आया है. आरोप है कि जिले के बड़े दवा कारोबारी के इकलौते बेटे को महिला जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने अपने प्रेम जाल में फंसाया और फिर धर्मांतरण करवाकर हिंदू से मुस्लिम बनाया. बाद में दिल्ली ले जाकर युवक के निकाह कर लिया. पीड़ित के पिता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी युवती और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है.

जानकारी के अनुसार शहर के हनुमान टिल्ला क्षेत्र में देवराज मलिक भारत मेडिकल स्टोर नाम से दवा की दुकान चलाते हैं और वह जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके बेटे आयुष मलिक को सुनियोजित तरीके से प्रेम संबंधों में फंसाकर उसका धर्मांतरण कराया गया. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। परिजनों का दावा है कि करीब पांच वर्ष पहले आयुष की मुलाकात चांदनी कुरैशी नामक युवती से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं.
पहले किया ब्लैकमेल, बाद में कराया धर्म परिवर्तन
परिवार का आरोप है कि युवती और उसके परिजनों ने आयुष को अपने प्रभाव में लेकर उसे ब्लैकमेल किया और बाद में उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया. आरोप है कि आयुष को दिल्ली ले जाकर एक मस्जिद में कथित रूप से निकाह कराया गया. परिजनों का यह भी दावा है कि युवक का खतना कराया गया और उसे कलमा पढ़ाकर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया गया.
आरोप है कि मुस्लिम लड़की ने आयुष के शारीरिक संबंध बनाए और उसकी वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया. बताया जाता है कि वीडियो बनाने के बाद पूरे परिवार को ब्लैकमेल किया जाने लगा.
युवती का भाई भी शामिल
मामले में यह आरोप भी सामने आया है कि चांदनी कुरैशी का भाई आयुष के संपर्क में था और उसने उसे पाकिस्तान के इस्लामिक वक्ता डॉक्टर इसरार अहमद के वीडियो देखने के लिए प्रेरित किया था. परिवार का कहना है कि इसके बाद धीरेधीरे युवक की धार्मिक सोच में बदलाव आया और वह दाढ़ी बढ़वा व टोपी लगाकर दुकान पर बैठने लगा.
बीते शनिवार को पुलिस ने देवराज की शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है. अधिकारियों के अनुसार मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है और विभिन्न पहलुओं की गहन जांच की जा रही है. बताया जाता है कि युवती पहले फिजियोथैरेपी सेंटर में काम करती थी, लेकिन बाद में जब आयुष जिम जाने लगा तो वह उसी जिम में जिम ट्रेनर बई.
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. वहीं इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.





