पटना: पटना के चर्चित कोचिंग संचालकों—खान सर और रौशन सर —के बीच उपजे विवाद और गोलीबारी की घटना पर सियासत और बयानबाजी तेज हो गई है। इस पूरे मामले पर पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव की बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। पप्पू यादव ने दोनों ही शिक्षकों को आदरणीय बताते हुए कहा कि इस पूरे विवाद को कुछ लोग जानबूझकर हवा दे रहे हैं, जबकि यह सीधासीधा ‘अहंकार की लड़ाई’ है।सांसद ने दो टूक कहा कि कोचिंग संस्थानों को अखाड़ा या मलयुद्ध का मैदान नहीं बनाया जाना चाहिए।

दोनों शिक्षकों के ज्ञान पर कोई सवाल नहीं, लेकिन…
सांसद पप्पू यादव ने मामले को शांत करने की अपील करते हुए कहा कि यहाँ दोतीन बातें गंभीरता से समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा:
- शिक्षकों का सम्मान: “प्रतिस्पर्धा होना कोई गुनाह नहीं है। दोनों ही शिक्षक हैं। एक का ग्लोबल लेवल पर सम्मान है, तो दूसरे ने पिछले पांच सालों में बहुत बेहतर तरीके से ज्ञान को लोगों के बीच पहुंचाया है। दोनों के ज्ञान और उनकी प्रतिस्पर्धा पर कोई सवाल नहीं है।”
- अपराधियों जैसा व्यवहार गलत: पप्पू यादव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस तरीके से कुछ लोग सोशल मीडिया और बाहर इस विवाद के मजे ले रहे हैं, वह गलत है। दोनों शिक्षकों को क्रिमिनल की तरह ट्रीट नहीं किया जाना चाहिए।
रौशन सर को जेल भेजना गलत
गोलीबारी की घटना और उसके बाद हुई पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पप्पू यादव ने कहा कि न तो खान सर और न ही रौशन सर खुद गोली चलाने में शामिल थे।
पप्पू यादव का बड़ा बयान: “गार्ड ने गोली चलाई जो कि सरासर गलत है। लेकिन रौशन सर कहीं नहीं थे, उन्हें इस मामले में जेल भेज देना बिल्कुल गलत है। यह पैसे का कोई बहुत बड़ा क्लैश नहीं है, बल्कि ‘हम बड़ा तो हम बड़ा’ के अहंकार की लड़ाई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक शिक्षक और डॉक्टर को आखिर बाउंसर रखने की क्या जरूरत है? इस मलयुद्ध की क्या आवश्यकता है?”
छात्रों को पुलिस की सलाह बहकावे में न आएं, यह सिर्फ कंपटीशन का मामला है
इस हाईप्रोफाइल विवाद के बाद छात्रों के बीच उपजे तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट पर है। पुलिस ने कोचिंग के छात्रों को विशेष सलाह जारी की है:
- छात्र किसी के भी बहकावे या उकसावे में बिल्कुल न आएं।
- यह शुद्ध रूप से दो कोचिंग संस्थानों की आपसी प्रतिस्पर्धा का मामला है।
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