डीके शिवकुमार ही नहीं ये हैं भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री, करोड़ों में है दौलत​

देश की राजनीति में अक्सर नेताओं की संपत्ति चर्चा का विषय बनती है। हाल ही में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की संपत्ति को लेकर फिर चर्चा तेज हुई है. चुनावी हलफनामे के अनुसार कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की कुल संपत्ति 1400 करोड़ रुपए से ज्यादा है. हालांकि, भारत के कई मुख्यमंत्री भी अपनी करोड़ों की संपत्ति के कारण सुर्खियों में रहते हैं. चुनावी हलफनामों में दी गई जानकारी के आधार पर देश के कुछ सबसे अमीर मुख्यमंत्री के बारे में हम आपको बता रहे हैं.

डीके शिवकुमार ही नहीं ये हैं भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री, करोड़ों में है दौलत​

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू

एन. चंद्रबाबू नायडू देश के दूसरे सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों में गिने जाते हैं. चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल घोषित संपत्ति 931 करोड़ रुपये में है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। रियल एस्टेट, निवेश और अन्य परिसंपत्तियों के कारण उनकी संपत्ति लगातार चर्चा में रहती है.

चंद्रशेखरन जोसेफ विजय

डीके शिवकुमार और चंद्रबाबू नायडू के बाद अगर देश में कोई सबसे अमीर मुख्यमंत्री है तो वो हैं तमिलनाडु के सीएम चंद्रशेखरन जोसेफ विजय, जिनकी कुल संपत्ति 603 करोड़ रुपए है. आपको बता दें चंद्रशेखरन जोसेफ विजय की कामई का मुख्य जरिया फिल्म हैं.

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी अच्छेखासे अमीर हैं. चुनावी हलफनामे के अनुवार उनकी कुल संपत्ति 332 करोड़ रुपए है. आपको बता दें पेमा खांडू नाम अक्सर सबसे अधिक संपत्ति वाले मुख्यमंत्रियों की सूची में शामिल किया जाता है.

नेफियू रियो और मोहन यादव

नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों में शामिल हैं. 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए हलफनामे के अनुसार उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 46.95 करोड़ रुपए है. इसके बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का नाम आता है. उनकी घोषित संपत्ति लगभग 42 करोड़ रुपए बताई जाती है. यह संपत्ति उनके चुनावी हलफनामे में दर्ज चल और अचल संपत्तियों, निवेशों तथा व्यावसायिक हितों को मिलाकर है.

चुनावी हलफनामों से सामने आती है तस्वीर

मुख्यमंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों की संपत्ति का विवरण चुनाव के दौरान दाखिल किए गए शपथ पत्रों से सार्वजनिक होता है. इन दस्तावेजों में चल संपत्ति, अचल संपत्ति, बैंक जमा, निवेश और देनदारियों की जानकारी शामिल होती है. यही वजह है कि समयसमय पर सबसे अमीर नेताओं और मुख्यमंत्रियों की सूची चर्चा में रहती है.

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