UP Crime News: यूपी के रायबरेली जिले में पंजाब नेशनल बैंक में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. मामले में पीएनबी मंडल प्रमुख समेत चार बैंक अधिकारियों के खिलाफ सदर कोतवाली में FIR दर्ज की गई है. यह मुकदमा विशेष अपर सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया है. अधिकारियों पर धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से लोन खाता खोलने, जाली दस्तावेज तैयार करने और जातीय उत्पीड़न करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

मामले में पीएनबी कार्यालय प्रमुख रक्तिमावा दान, सीनियर मैनेजर अल्पना त्रिवेदी, ज्ञानेंद्र प्रकाश वर्मा और चीफ मैनेजर प्रवीण कुमार को नामजद किया गया है. मामला जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र का है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। बालापुर पोस्ट आईटीआई क्षेत्र के निवासी पीड़ित देवनाथ ने कोर्ट में अर्जी दायर कर आरोप लगाया था कि बैंक अधिकारियों ने उनके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की. देवनाथ के अनुसार, उन्हें 17 सितंबर 2022 को बैंक सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था. इसके बाद उनकी जानकारी के बिना ग्रेज्युटी की रकम को लोन खाते में समायोजित कर दिया गया.
पीड़ित ने लगाए ये गंभीर आरोप
पीड़ित का आरोप है कि होम लोन खाता बंद होने के बावजूद बैंक अधिकारियों ने कथित रूप से जाली दस्तावेज और फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर नया सार्वजनिक होम लोन खाता खोल दिया. इतना ही नहीं, होम लोन होने के बाद भी उनकी टाइटल डीड वापस नहीं की गई.
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई जातिगत भावना से प्रेरित होकर की गई. उन्होंने बताया कि सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में दोनों लोन खातों के दस्तावेज एक जैसे पाए गए, जबकि नियमानुसार अलगअलग दस्तावेज होने चाहिए थे.
बैंक की जांच में गैरकानूनी पाया गया लोन खाता
बताया जा रहा है कि बैंक की आंतरिक जांच रिपोर्ट में भी सार्वजनिक होम लोन खाते को गैरकानूनी माना गया है. पीड़ित ने इस मामले की शिकायत सीओ सदर से लेकर पुलिस अधीक्षक तक की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट चला गया. सदर कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है.





