मारा गया पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान, अज्ञात हमलावरों ने किया छलनी​

पुलवामा अटैक का मास्‍टरमाइंड हमजा बुरहान आख‍िरकार मारा गया. पाक‍िस्‍तान के रहने वाले हमजा वुरहान को बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने धुरंधर स्‍टाइल में गोल‍ियों से भून डाला. हमजा बुरहान अलबदर का कमांडर था. जम्मू कश्मीर में हुए कई आतंकी हमलों में इसका हाथ रहा है. इसका असली नाम अरजुमंद गुलजार डार है.

मारा गया पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान, अज्ञात हमलावरों ने किया छलनी​

14 फरवरी 2019 में पुलवामा में हमला हुआ था, ज‍िसमें CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे. एनआईए की जांच में हमजा बुरहान को इस आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना गया था. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। पाकिस्तान में बैठकर वुरहान हमला जम्मू कश्मीर में कई हमलों को अंजाम दे चुका था. सुरक्षा एजेंसियों की इस पर कड़ी नजर थी.

मुजफ्फराबाद में हमजा के दफ्तर में मारी गोली
बताया जा रहा है क‍ि हमजा बुरहान को पीओके के मुजफ्फराबाद में दफ्तर के सामने गोली मार दी गई. वह बाहर न‍िकल रहा था, तभी बाहर आए अज्ञात हमलावरों ने उसे गोल‍ियों से भून डाला. पीओके में अलबद्र आतंकी संगठन से जुड़े व्हाइट कॉलर इस्लामिस्ट कहे जाने वाले आतंकी और पेशे से डॉक्टर अरजुमंद डार उर्फ हमजा बुरहान को आंतकी अगला हाफ‍िज सईद तक बताते थे.

ओवर ग्राउंड वर्कर से टॉप मोस्‍ट आतंकी तक
पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन अलबद्र से जुड़ा अहम ऑपरेटिव हमजा बुरहान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मारा गया है. सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, हमजा बुरहान वही शख्स था जो पुलवामा आतंकी हमले के दौर में ओवर ग्राउंड वर्कर के तौर पर सक्रिय था और बाद में अलबद्र के लिए प्रचार, भर्ती और कट्टरपंथ फैलाने का काम संभाल रहा था. बताया जा रहा है कि उसकी मौत आतंकी संगठन के भीतर ही चल रही गैंगवार में हुई.

सूत्रों के अनुसार, हमजा बुरहान अलबद्र के नैरेटिव वॉरफेयर नेटवर्क का अहम हिस्सा था. वह पोस्टर, वीडियो और ऑनलाइन कट्टरपंथी सामग्री तैयार कर सोशल मीडिया के जरिए कश्मीर के युवाओं को प्रभावित करता था. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वह आतंकवाद को “ग्लैमराइज” करने और युवाओं को हथियार उठाने के लिए उकसाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था.

जानकारी के मुताबिक, PoK में अलबद्र के भीतर पैसों के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. इसी विवाद ने बाद में खूनी गैंगवार का रूप ले लिया. सूत्रों का दावा है कि इसी अंदरूनी संघर्ष में हमजा बुरहान की हत्या कर दी गई. हालांकि, उसकी मौत को लेकर आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है.

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हमजा बुरहान सिर्फ प्रचार तंत्र तक सीमित नहीं था, बल्कि वह भर्ती नेटवर्क और LoC पार संचालित गतिविधियों से भी जुड़ा हुआ था. एजेंसियों के मुताबिक, उसने कई युवाओं को आतंकी संगठनों से जोड़ने का काम किया और कुछ मामलों में उन्हें ड्रग्स नेटवर्क की तरफ भी धकेला. बाद में ऐसे कई युवाओं पर UAPA के तहत कार्रवाई की गई.

अधिकारियों का मानना है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन डिजिटल प्रचार और साइकोलॉजिकल कैंपेन पर ज्यादा निर्भर हो गए थे. हमजा बुरहान इसी रणनीति का बड़ा चेहरा माना जाता था. उसकी मौत को सुरक्षा एजेंसियां आतंकी नेटवर्क के लिए ऑपरेशनल और साइकोलॉजिकल झटका बता रही हैं.

सूत्रों के अनुसार, PoK के भीतर हुई इस घटना से यह भी संकेत मिलता है कि आतंकी संगठनों के अंदर फंडिंग और नेतृत्व को लेकर गंभीर मतभेद बढ़ रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि लगातार इंटेलिजेंस ऑपरेशन और नेटवर्क में सेंधमारी की वजह से पाकिस्तान समर्थित आतंकी ढांचे पर दबाव बढ़ा है, जिसके चलते उन्हें बारबार अपने कमांड और ऑपरेशन सिस्टम में बदलाव करना पड़ रहा है.

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