अपनी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए और उस पर मुनाफा कमाने के लिए लोग तमाम तरह की स्कीम खोजते रहते हैं, लेकिन अगर आप 10 हजार रुपये महीने का बचाना चाहते हैं तो आरडी और एसआईपी को आप निवेश के तौर पर देख सकते हैं. मगर सवाल यह है कि इन दोनों स्कीम्स में कहां निवेश करना फायदा का सौदा है. 10 साल, 15 साल और 20 सालों में कहां पर आपका पैसा ज्यादा बन जाएगा. दोनों ही विकल्प नियमित निवेश की सुविधा देते हैं, लेकिन रिटर्न, जोखिम और लंबी अवधि में बनने वाले फंड के मामले में बड़ा फर्क होता है.

निवेश की दुनिया में RD और SIP दो बेहद लोकप्रिय विकल्प हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो हर महीने एक तय रकम निवेश करना चाहते हैं, लेकिन जब बात लंबी अवधि यानी 10, 15 और 20 साल की आती है, तो दोनों के बीच फर्क साफ नजर आने लगता है. सबसे पहले RD की बात करें तो यह एक सुरक्षित निवेश विकल्प है, जिसमें आपको एक तय ब्याज दर मिलती है. उदाहरण के तौर पर, अगर आप हर महीने 10,000 रुपये निवेश करते हैं और औसतन 6.05% सालाना ब्याज मानें, तो 10 साल में आपका फंड करीब 16.48 लाख रुपये हो जाएगा. 15 साल में यह बढ़कर लगभग 29.27 लाख रुपये और 20 साल में करीब 46.54 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. RD की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें जोखिम बहुत कम होता है और आपको पहले से पता होता है कि मेच्योरिटी पर कितना पैसा मिलेगा.
एसआईपी के जरिए निवेश
वहीं, दूसरी ओर SIP की बात करें तो यह म्यूचुअल फंड से जुड़ा निवेश है, जिसमें रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है. इसका मतलब है कि इसमें जोखिम ज्यादा है, लेकिन रिटर्न की संभावना भी ज्यादा होती है. अगर आप डेट फंड में SIP करते हैं, तो आपको लगभग 67% सालाना रिटर्न मिल सकता है, जो RD के आसपास ही होता है.
लेकिन असली अंतर तब आता है जब आप हाइब्रिड या इक्विटी फंड चुनते हैं. हाइब्रिड फंड में औसतन 810% रिटर्न मिल सकता है, जिससे 20 साल में आपका निवेश 57 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. वहीं इक्विटी फंड में लंबी अवधि में 1013% तक रिटर्न मिलने की संभावना होती है. इस हिसाब से 20 साल में 10,000 रुपये की मासिक SIP आपको 45 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड बना सकती है.
हालांकि, SIP में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें रिटर्न निश्चित नहीं होता. बाजार में उतारचढ़ाव के कारण आपका निवेश कभी ऊपर तो कभी नीचे जा सकता है. लेकिन लंबी अवधि में यह उतारचढ़ाव औसतन बेहतर रिटर्न में बदल सकता है. एक और महत्वपूर्ण अंतर फ्लेक्सिबिलिटी का है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। SIP में आप कभी भी अपनी निवेश राशि बढ़ा या घटा सकते हैं, जबकि पारंपरिक RD में यह सुविधा सीमित होती है. हालांकि अब फ्लेक्सी RD भी उपलब्ध हैं, लेकिन वे SIP जितनी लचीलापन नहीं देतीं.
कहां किया जा सकता निवेश?
निवेश का सही विकल्प पूरी तरह आपकी जोखिम उठाने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्य पर निर्भर करता है. अगर आप सुरक्षित और निश्चित रिटर्न चाहते हैं, तो RD बेहतर विकल्प है. लेकिन अगर आप लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न और वेल्थ क्रिएशन चाहते हैं, तो SIP खासकर इक्विटी फंड में निवेश ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है. अंत में, यह कहा जा सकता है कि SIP लंबी अवधि में RD की तुलना में ज्यादा बड़ा फंड बनाने की क्षमता रखता है, लेकिन इसके साथ जोखिम भी जुड़ा हुआ है. इसलिए निवेश करने से पहले अपनी जरूरत और जोखिम प्रोफाइल को समझना बेहद जरूरी है.
यह भी पढे़ं





