इस बड़े कमरे में बैठ पुतिन ने लिया मोदी का नाम, अचानक सब हैरान!​

रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन ने इस बड़े हॉल में बैठकर भारत और पीएम मोदी को लेकर जो बयान दिया है वो अपने आप में बहुत कुछ कहता है। यह बयान भले ही इस हॉल में दिया गया हो लेकिन इसकी आवाज अब पूरी दुनिया में गूंज रही है। भारत में कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दल ये बयान सुनकर बेचैन हो जाएंगे। कुछ घंटों पहले ही राहुल गांधी ने कहा था कि भारत में एक बड़ी आर्थिक सुनामी आने वाली है। अब आप इसे संयोग ही कहिए कि रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन ने ही राहुल गांधी के दावों को मिट्टी में मिला दिया है। हॉल में बैठी दुनिया की बड़ीबड़ी न्यूज़ एजेंसियां जिनमें भारत की पीटीआई भी शामिल थी। इन सभी को जवाब देते हुए पुतिन ने कहा कि यहां आए सभी लोगों को एक बात पता होनी चाहिए। वो बात यह है कि भारत इस वक्त दुनिया की लीडिंग इकॉनमीज में से एक है।

इस बड़े कमरे में बैठ पुतिन ने लिया मोदी का नाम, अचानक सब हैरान!​
भारत दुनिया में सबसे ज्यादा इकोनॉमिक ग्रोथ रेट दिखा रहा है। यह कोई अचानक से होने वाली बात नहीं है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की कड़ी मेहनत का नतीजा है। पुतिन ने आगे कहा कि इस वक्त दुनिया में सिर्फ चार टॉप देश हैं। इनमें चीन, अमेरिका, भारत और रूस शामिल हैं। पुतिन ने कहा कि हम चारों ने सभी यूरोपीय देशों और जापान तक को पीछे छोड़ दिया है। इसके बाद पुतिन ने कहा कि अमेरिका कुछ मामलों में भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। खासतौर पर रूस के मामले में। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। लेकिन अब सब यह समझ चुके हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। यानी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि पीएम मोदी पर दबाव बनाना दुनिया के लिए खतरनाक हो सकता है। पुतिन ने कहा कि पीएम मोदी पर दबाव डालने का कोई फायदा नहीं होगा। भारत हमारा एक रिलायबल पार्टनर है।

भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और इस समय प्रभावशाली आर्थिक वृद्धि दर प्रदर्शित कर रहा है।’’ उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि रूस को भारत पर पश्चिमी देशों के उस दबाव का कोई नकारात्मक प्रभाव दिखाई नहीं दिया है, जिसके तहत नयी दिल्ली से रूस के साथ अपने संबंध सीमित करने को कहा जा रहा है। उनका मानना है कि ऐसी रणनीतियां अंततः उल्टा असर डालेंगी। पुतिन ने कहा कि सभी को समझ आ गया है कि दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश भारत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय संबंधों और द्विपक्षीय संबंधों के लिए हानिकारक है। यह दबाव कहीं से भी आए, इससे फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि हमें इसका कोई नकारात्मक परिणाम नहीं दिखा।’’ रूसी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कुछ पश्चिमी देशों में भारतरूस संबंधों को लेकर असहजता बढ़ी है। अमेरिका लगातार भारत से रूसी कच्चे तेल की खरीद कम करने का आग्रह करता रहा है।

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