Snail Massage: क्या वाकई कोरियन ब्यूटी ट्रेंड से बढ़ते हैं ‘हैप्पी हॉर्मोन’? स्किन टिश्यू रिपेयर और तनाव पर क्या होता है असर, जानिए

ग्लोइंग स्किन के लिए कोरियन ब्यूटी सीक्रेट्स दुनियाभर में मशहूर हैं, लेकिन आजकल चर्चा में है ‘स्नेल मसाज’ । दावा किया जा रहा है कि यह थैरेपी न केवल टिश्यू रिपेयर करती है, बल्कि तनाव कम कर हैप्पी हॉर्मोन्स को भी बढ़ाती है। स्नेल मसाज के दौरान घोंघे की धीमी और ठंडी हलचल स्किन पर एक विशेष ‘सेंसरी स्टिमुलेशन’ पैदा करती है। घोंघा का ये हल्का स्पर्श शरीर में ऑक्सीटोसिन जिसे हैप्पी हार्मोन कहा जाता है, उसके स्तर को बढ़ा सकता है। यह हार्मोन कोर्टिसोल को कम करने में मदद करता है, जिससे व्यक्ति को गहरा मानसिक सुकून मिलता है।

Snail Massage: क्या वाकई कोरियन ब्यूटी ट्रेंड से बढ़ते हैं ‘हैप्पी हॉर्मोन’? स्किन टिश्यू रिपेयर और तनाव पर क्या होता है असर, जानिए

 Journal of Investigative Dermatology और कई कॉस्मेटिक साइंस की रिसर्च में ‘स्नेल सेक्रेशन फिल्ट्रेट’ का अध्ययन किया गया है। रिसर्च के मुताबिक स्नेल म्यूसिन में नेचुरल रूप से एलांटोइन , ग्लाइकोलिक एसिड, और हयालूरोनिक एसिड होता है। ये सभी तत्व खराब हो चुके टिश्यू को रिपेयर करने, स्किन में कोलेजन बढ़ाने और घावों को तेजी से भरने में मदद करता हैं। यह मसाज बढ़ती उम्र की झुर्रियों को कम करने और हाइड्रेशन बढ़ाने में भी मददगार सााबित होती है। आइए जानते हैं कि घोंघा से मसाज का ये चलन जिसे कोरियाई लोग बेहद आज़मा रहे हैं कैसे स्किन में बदलाव लाता हैं।

स्नेल मसाज कैसे स्किन के लिए वरदान साबित हो रही है?

स्नेल मसाज एक लोकप्रिय स्किन केयर थेरेपी है, जिसमें असली घोंघा को चेहरे या शरीर के किसी हिस्से पर धीरेधीरे चलने के लिए छोड़ दिया जाता है। माना जाता है कि घोंघे से निकलने वाले म्यूसिन में हाइड्रेशन, न्यूट्रिशन और एंटीएजिंग गुण पाए जाते हैं, जो स्किन के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। जब घोंघा स्किन पर धीरेधीरे चलते हैं, तो उनका म्यूसिन स्किन पर फैलता है, जिससे स्किन पोर्स खुलने लगते हैं और स्किन हाइड्रेट रहती है। इस थेरेपी को स्किन को ग्लोइंग और फ्रेश बनाने वाला माना जाता है। कई लोग दावा करते हैं कि इससे स्किन मुलायम दिखती है, ड्रायनेस कम होती है और स्किन में नेचुरल चमक आती है।

स्नैल का म्यूकस स्किन के लिए बन रहा वरदान

कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि स्नेल म्यूकस में हाइलूरोनिक एसिड, विटामिन और जरूरी प्रोटीन पाए जाते हैं, जो स्किन को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। इस मसाज को कराने से स्किन स्मूथ और ग्लोइंग बनती है। कई लोग दावा करते हैं कि इससे स्किन ज्यादा यंग और फ्रेश दिखती है। यह ट्रेंड सबसे पहले Japan और South Korea जैसे देशों में लोकप्रिय हुआ था लेकिन अब सभी जगह इसका चलन है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट का कहना है कि इसके फायदे हर व्यक्ति की त्वचा पर अलगअलग हो सकते हैं और इसे करवाने से पहले साफसफाई व स्किन सेफ्टी का ध्यान रखना जरूरी होता है।

स्नैल मसाज में क्या किया जाता है?

इस थेरेपी में ट्रेंड इंसान थेरेपी कराने वाले व्यक्ति के चेहरे पर कुछ समय के लिए जिंदा स्नेल छोड़ता है। इस थेरेपी को करने से घोंघे की स्लाइम स्किन पर फैलती है, जिसे स्किन को हाइड्रेट और ग्लोइंग बनाने वाला माना जाता है। इस थेरेपी को लोग स्किन को मॉइस्चराइज करने, फाइन लाइन्स और झुर्रियां कम करने, स्किन को चमकदार बनाने, चेहरे से मुहांसों के निशान हटाने और स्किन को रिपेयर करने के लिए करते हैं। स्नेल म्यूकिन में हाइलूरोनिक एसिड, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो कई स्किन केयर प्रोडक्ट्स में भी इस्तेमाल किए जाते हैं।

क्या इस मसाज के कोई जोखिम भी हैं?

इस मसाज को करने से कुछ लोगों को एलर्जी और स्किन में इर्रिटेशन हो सकता है। जिन लोगों की स्किन ज्यादा संवेदनशील है उनको ये परेशानी ज्यादा होती है। स्किन की साफसफाई का ध्यान नहीं रखा जाए तो स्किन पर इंफेक्शन भी हो सकता है। इस थेरेपी का हर तरह की स्किन पर एक जैसा असर नहीं दिखता। इसलिए किसी भी नई स्किन थेरेपी को अपनाने से पहले स्किन एक्सपर्ट या डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह लेना बेहतर होता है। एक्सपर्ट के मुताबिक यह थेरेपी उन लोगों के लिए प्रभावी हो सकती है जो ‘टच थेरेपी’ के जरिए एंग्जायटी कम करना चाहते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

स्नेल मसाज हमेशा प्रोफेशनल क्लीनिक में ही करानी चाहिए। घर के साधारण बगीचे वाले घोंघों का इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है क्योंकि वे परजीवी और बैक्टीरिया ले जा सकते हैं। थेरेपी के लिए इस्तेमाल होने वाले घोंघों को लैब में विशेष रूप से तैयार किया जाता है।

डिस्क्लेमर : यह जानकारी हालिया ब्यूटी ट्रेंड्स और शुरुआती रिसर्च पर आधारित है। हर किसी की त्वचा स्नेल म्यूसिन के प्रति अलग प्रतिक्रिया दे सकती है। किसी भी थेरेपी को आजमाने से पहले स्किन स्पेशलिस्ट से पैच टेस्ट जरूर करवाएं।

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